निषाद समाज की जायज मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी
गोरखपुर आज निषाद युवा वाहिनी ने कसवल आंदोलनकारियों को एडवोकेट सुशील चंद साहनी चल रहे आरक्षण की मांग अनशन में भागीदारी निभाने पर सभी लोगों को साल एवं पटका पहनाकर किया गया सम्मानित
जहाँ वे निषाद समाज की मांगों को लेकर प्रशासन के रवैये पर कड़ा विरोध जता रहे हैं। निषाद समाज पिछले कुछ समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने 1 जून को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के पास धरना दिया था।
एडवोकेट सुशील चंद साहनी ने बताया कि 7 जून को प्रशासन द्वारा जबरन अनशन स्थल से उन्हें और उनके समर्थकों को हटा दिया गया, जो उनके अनुसार पूरी तरह से गलत था।उन्होंने स्पष्ट किया है कि निषाद समाज का यह संगठन रुकने या थकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से खत लिखा है
और वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। आने वाले समय में निषाद समाज की ओर से पूरे पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश में पदयात्रा और जन जागरण अभियान के साथ-साथ रथ यात्रा निकालने की योजना है, ताकि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचा सकें।

