गोरखपुर। पिपराइच स्थित पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता जितेंद्र जायसवाल उर्फ पप्पू भैया के कोल्ड स्टोरेज पर हाल ही में हुई जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई के बाद अब व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। छापेमारी के दौरान सीज किए गए करीब 30 करोड़ रुपये के माल पर विभाग ने अब देय टैक्स और पेनल्टी की गणना तेज कर दी है।
गौरतलब है कि गत 5 अगस्त को जीएसटी विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) ने इस कोल्ड स्टोरेज पर अचानक छापेमारी की थी। जांच के दौरान वहां बड़े पैमाने पर मूंगफली, मिर्च और अन्य मसालों का विशाल स्टॉक बरामद हुआ था। भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों के मिलान में टैक्स को लेकर भारी अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए स्टॉक सीज कर दिया और संबंधित लगभग 70 प्रमुख व्यापारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सीज माल में किस-किस व्यापारी की कितनी हिस्सेदारी है और किसने कितना टैक्स छुपाया है। विभाग व्यापारियों की सूची के आधार पर पेनल्टी का आकलन कर रहा है। इसी बीच डी आर ट्रेडिंग नामक एक फर्म ने अपनी टैक्स अनियमितता स्वीकार करते हुए टैक्स और पेनल्टी के रूप में 11 लाख रुपये की राशि विभाग के पास जमा करा दी है।
करोड़ों रुपये के राजस्व वसूली का अनुमान
विभागीय सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में कई अन्य व्यापारियों पर भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि सभी दस्तावेजों के पूर्ण मिलान के बाद प्रत्येक व्यापारी पर देय वास्तविक राशि तय होगी, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की प्राप्ति होगी। फिलहाल जांच प्रक्रिया तेजी से जारी है।

