दीपावली पर बच्चों की सुरक्षा के लिए आईटीएम गीडा की छात्राओं ने बनाया स्वदेशी रिमोट लाइटर
गोरखपुर। दीपावली के अवसर पर पटाखों से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आईटीएम गीडा, गोरखपुर के बीटेक तृतीय वर्ष की छात्राएँ तानिया प्रजापति, शीतल गुप्ता और शांभवी मिश्रा ने एक अभिनव प्रयोग कर दिखाया है। छात्राओं ने मिलकर एक स्वदेशी रिमोट क्रेकर लाइटर तैयार किया है, जिसकी मदद से बच्चे और बड़े दोनों ही अनार, रॉकेट, स्काई शॉट जैसे पटाखों को 10 से 50 मीटर की दूरी से सुरक्षित रूप से जला सकेंगे।
हर वर्ष दीपावली के दौरान देशभर में पटाखे जलाते समय अनेक बच्चे हादसों का शिकार हो जाते हैं। इन दुर्घटनाओं में कई बार गंभीर चोटें लगती हैं और कुछ मामलों में जान भी चली जाती है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए छात्राओं ने ऐसा उपकरण तैयार किया है, जो पटाखे जलाने की प्रक्रिया को सुरक्षित बना देगा।
छात्राओं ने बताया कि इस उपकरण को बनाने में एक माह का समय लगा और इसकी लागत लगभग ₹3500 आई। इसे तैयार करने में रिमोट ट्रांसमीटर-रिसीवर, बैटरी, हीटिंग प्लेट आदि का प्रयोग किया गया है।
संस्थान के निदेशक डॉ. एन. के. सिंह ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा,
> “छात्राओं द्वारा तैयार किया गया रिमोट क्रेकर लाइटर दीपावली के त्योहार पर पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से बच्चों की सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उनकी नवाचार क्षमता का परिचायक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सीमित संसाधनों में सृजनात्मक सोच और टीमवर्क से बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं।”
यह अभिनव प्रयास बच्चों को सुरक्षित रखते हुए दीपावली के उल्लास को और भी आनंददायक बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
