जिला बहराइच की बड़ी खबर: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर — शंकरपुर चौराहे पर खुलेआम झोलाछाप डॉक्टर का ‘इलाज कारोबार’ जारी
बहराइच।
उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विकासखंड रिसिया और थाना क्षेत्र रिसिया के ग्राम पंचायत रायपुर कबुला के पास शंकरपुर चौराहे पर एक मेडिकल स्टोर पर झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम मरीजों का इलाज करते हुए कैमरे में कैद हुआ है।
मेडिकल स्टोर संचालक का नाम अल्ताफ सिद्दीकी बताया जा रहा है, जिसने स्वयं फोन पर बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि वह झोलाछाप डॉक्टर है। यह स्वीकारोक्ति यह साबित करती है कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था किस कदर बदहाल है और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
सरकारी योजनाएं बेअसर, झोलाछाप डॉक्टरों का बोलबाला
जहां एक ओर राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर जनपद बहराइच में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के संरक्षण में दर्जनों अवैध मेडिकल स्टोर और नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। इन जगहों पर बिना किसी पंजीकरण या चिकित्सकीय डिग्री के झोलाछाप डॉक्टर गरीब और असहाय मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
यह सिर्फ एक isolated घटना नहीं है — बल्कि कटघरा भगवानपुर गांव के पास भोंदू चौराहे पर भी हाल ही में झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज करने की खबरें प्रकाशित हुई थीं। उस मामले में भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मीडिया द्वारा सूचित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन मोटी रकम लेकर इन अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई नहीं करता, जिससे पूरे जिले में झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क पनप रहा है।
प्रशासन की चुप्पी और जनता की बेबसी
अब तक टीवी न्यूज़ चैनल के जिला क्राइम ब्यूरो प्रमुख अदहम खान ने जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी से फोन पर बात करने का प्रयास किया, तो संपर्क नहीं हो सका।
वहीं, क्षेत्रवासियों का कहना है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे। सवाल यह है कि जब शासन झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्त कार्यवाही का आदेश दे चुका है, तो शंकरपुर चौराहे पर खुलेआम चल रहे इस अवैध इलाज केंद्र पर प्रशासन मौन क्यों है?
हर चौराहे पर “मौत का कारोबार”
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बहराइच जनपद में हर प्रमुख चौराहे और बाजार में झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं।
पंजीकृत चिकित्सक दूर-दूर तक नजर नहीं आते, फिर भी मेडिकल स्टोर और नर्सिंग होम धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही पर सवाल उठाती है, बल्कि शासन के स्वास्थ्य सुधार अभियानों को भी मजाक बना रही है।
जनता का सवाल — आखिर संरक्षण किसका है?
लोगों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि यदि स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत नहीं है, तो फिर इन झोलाछाप डॉक्टरों को कौन संरक्षण दे रहा है?
किसके इशारे पर ये लोग प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम गरीब और असहाय लोगों को लूट रहे हैं?
सरकार के मंसूबों पर पानी
सरकार लगातार यह दावा करती है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
परंतु जमीनी हकीकत यह है कि जहां अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है, वहीं गांवों में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जिंदगी के साथ खेल रहे हैं।
यदि जल्द ही प्रशासन ने इस दिशा में कड़े कदम नहीं उठाए, तो न जाने कितनी निर्दोष जिंदगियां इन तथाकथित “डॉक्टरों” के हाथों कुर्बान होती रहेंगी।
अब कार्रवाई की मांग
जनपद बहराइच के जागरूक नागरिकों और मीडिया जगत ने शासन से मांग की है कि ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध मेडिकल स्टोरों पर तत्काल छापेमारी कर कड़ी कार्यवाही की जाए।
यदि प्रशासन इस बार भी केवल खानापूर्ति करता है, तो यह जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ किया गया सबसे बड़ा अन्याय होगा।
अब तक टीवी न्यूज़ चैनल से —
जिला क्राइम ब्यूरो, बहराइच
रिपोर्ट: अदहम खान
