बंदूक की नोक पर रेत का साम्राज्य: किसानों की जमीन पर माफियाओं का कब्ज़ा
जहाँ धरती माँ की गोद से अन्न उपजना चाहिए, वहाँ अब बंदूक की नोक पर रेत निकल रही है। बाँदा जनपद के ग्राम भदावल तहसील अतर्रा में किसान बाबूलाल पुत्र रामसेवक की जमीन — गाटा संख्या 1133/3 — आज बालू माफियाओं के शिकंजे में है।
बाबूलाल का कहना है कि उसकी खेती योग्य भूमि पर कुछ दबंग लोग जबरन बालू की निकासी कर रहे हैं। जब उसने विरोध किया, तो उसे गाली-गलौज कर भगा दिया गया, यहाँ तक कि यह कहकर अपमानित किया गया कि “यह ज़मीन तुम्हारी नहीं।”यह घटना केवल एक किसान की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है जहाँ मेहनतकश की आवाज़ बंदूक की धमकी में खो जाती है। प्रशासन की चुप्पी इस बात की गवाह है कि रेत के अवैध कारोबार ने कानून की जड़ों तक सेंध लगा दी है।बाबूलाल ने जल विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने भी मांग की है कि अवैध खनन पर कठोर कार्रवाई हो, ताकि धरती का गर्भ सुरक्षित रहे और किसान भयमुक्त होकर खेती कर सकें।

