मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम – प्राथमिक विद्यालय, कारीकोट नं. 02
(एसबीआई फाउंडेशन एवं पंख संस्था द्वारा आयोजित)
व्यूरो रिपोर्ट क्रांति मिश्र /अब तक न्याय बहराइच
प्राथमिक विद्यालय, कारीकोट नं. 02 में एसबीआई फाउंडेशन एवं पंख संस्था की संयुक्त पहल के अंतर्गत बच्चों एवं शिक्षकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में मानसिक स्वास्थ्य, भावनाओं की समझ तथा सकारात्मक व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. हंसराज (Doctor) एवं फार्मासिस्ट राधे श्याम ने बच्चों और शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ केवल मन की स्थिति से नहीं, बल्कि हमारे सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके से है। मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति अपनी भावनाओं को समझता है, तनाव को संभालता है और सकारात्मक सोच रखता है। उन्होंने इसके लाभों के बारे में बताते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता से आत्मविश्वास बढ़ता है, एकाग्रता में सुधार होता है और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है।
इसके बाद नर्सिंग स्टाफ जयप्रकाश, पायलट अजय कुमार, लैब टेक्नीशियन अंकुश कुमार एवं प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर लोकेश कुमार ने बच्चों के साथ विभिन्न रोचक गतिविधियाँ कराईं। इनमें “Express Your Feelings” गतिविधि विशेष रूप से सराहनीय रही, जिसमें बच्चों ने अपने मूड और व्यवहार के अनुसार रंगों और चित्रों के माध्यम से अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं।
इसके अतिरिक्त “Mindfulness Minute” अभ्यास कराया गया, जिसमें बच्चों को गहरी साँस लेने और मन को शांत करने की तकनीक सिखाई गई। इससे बच्चों में आत्म-नियंत्रण, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और सकारात्मक सोच में वृद्धि हुई।
सत्र के अंत में एक प्रश्नावली सत्र (Questionnaire Session) आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों से मानसिक स्वास्थ्य, भावनाओं और व्यवहार से जुड़े प्रश्न पूछे गए। इस सत्र के माध्यम से बच्चों की समझ का मूल्यांकन किया गया तथा उन्हें अपनी भावनाएँ खुलकर व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय में एक सकारात्मक, सहयोगी और तनाव-मुक्त वातावरण का निर्माण हुआ। बच्चों और शिक्षकों में भावनात्मक जागरूकता, सहानुभूति और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। एसबीआई फाउंडेशन और पंख संस्था की इस पहल से विद्यालय समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति एक नई सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ।

