ब्यूरो चीफ सुजीत कुमार=कानपुर आज विश्व COPD दिवस 2025 के मौके पर दुनियाभर में एक बड़ी मुहिम चलाई जा रही है,,,,सांस फूलना, लगातार खांसी और सीने में जकड़न—इन्हें लोग अक्सर सामान्य मान लेते हैं,,,,लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि ये COPD के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं,,,,इसलिए इस साल का फोकस है,,,,प्रारंभिक पहचान और जागरूकता COPD के शुरुआती लक्षणों को लोग सामान्य समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं,,,,अगर किसी को लगातार खांसी, बलगम, या थोड़ी सी मेहनत में भी सांस फूलने लगे तो तुरंत जांच करानी चाहिए। समय रहते पहचान हो जाए तो बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज यानी COPD… एक ऐसी बीमारी जो धीरे-धीरे फेफड़ों को कमज़ोर करती है,,,,दुनिया भर में करोड़ों लोग इससे प्रभावित हैं,,,,और कई लोग देर से पहचान के कारण गंभीर स्थिति तक पहुंच जाते हैं,,,,विश्व COPD दिवस 2025 पर स्वास्थ्य संगठनों ने इस बार साफ कहा है,,,,सांस फूल रही है,,,,सोचिए क्योंकि समय रहते जांच करवाने से बीमारी को रोका जा सकता है,,,,और इलाज आसान हो जाता है,,,,कानपुर में भी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों की ओर से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं,,,,डॉक्टर्स ने धूम्रपान, प्रदूषण और धूलभरी जगहों में काम को COPD का सबसे बड़ा कारण बताया है,,,,COPD भले ही गंभीर बीमारी हो, लेकिन जागरूकता और समय पर इलाज से इससे लड़ना संभव है,,,,विश्व COPD दिवस 2025 पर यही संदेश—अपनी सांसों को हल्के में न लें, लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं।

