रामपुर में संभावित डुप्लीकेट मतदाता सूची का सत्यापन पूरा, 236002 में से 196620 मतदाता पाए गए वैध
रामपुर जिले में पंचायत क्षेत्र के मतदाता सूची सुधार अभियान के तहत महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डॉ. नितिन मदान ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर जिले में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया। इस प्रक्रिया में ऐसे सभी मतदाताओं को जांच के दायरे में लाया गया जो एक ही नाम से एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत थे। आयोग ने ऐसे कुल 236002 मतदाताओं को संभावित डुप्लीकेट की श्रेणी में रखा था।
आधार के अंतिम चार अंकों से हुई पहचान
सत्यापन कार्य के लिए बीएलओ तथा ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। सत्यापन के दौरान प्रत्येक संदिग्ध मतदाता से आधार कार्ड के अंतिम चार अंक लिए गए। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं एक ही व्यक्ति ने कई स्थानों पर मतदाता पहचान पत्र तो नहीं बनवा रखा है। इस प्रक्रिया से मतदाताओं की वास्तविक पहचान की पुष्टि करना आसान हुआ।
मृतक, शिफ्टेड और डुप्लीकेट प्रविष्टियों का विलोपन
सत्यापन के दौरान पाया गया कि कई प्रविष्टियाँ वास्तविक मतदाताओं से मेल नहीं खाती थीं। इनमें विभिन्न श्रेणियों के मतदाता शामिल थे—
समान आधार संख्या वाले डुप्लीकेट मतदाता
मृतक मतदाता
अन्य क्षेत्र में स्थानांतरित (शिफ्टेड) मतदाता
सभी ऐसे मामलों में संबंधित प्रविष्टियों को मतदाता सूची से हटाने (विलोपित करने) की कार्रवाई की गई।
236002 में से 196620 मतदाता पाए वैध
प्रशासन ने बताया कि विस्तृत जांच के बाद यह पाया गया कि संभावित डुप्लीकेट पाए गए 236002 मतदाताओं में से 196620 मतदाता वास्तविक और वैध हैं। इनकी प्रविष्टियाँ यथावत रखी गईं। शेष प्रविष्टियों को नियमों का पालन करते हुए सूची से हटा दिया गया।
मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की कोशिश
डॉ. मदान ने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा है कि प्रत्येक जिले की मतदाता सूची यथासंभव शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित हो। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और मतदान अधिकार का दुरुपयोग रोकना है।
उन्होंने बताया कि आगे भी बीएलओ स्तर पर समय-समय पर पुनरीक्षण कार्य जारी रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर तत्काल सुधार किया जा सके।

