राष्ट्रीय किसान यूनियन सिद्धार्थ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नौशाद त्यागी का कांदला में संबोधन
किसान अधिकारों की लड़ाई को नई गति देने का आह्वान
कांदला (संभल)। राष्ट्रीय किसान यूनियन सिद्धार्थ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नौशाद त्यागी ने आज कस्बा कांदला में आयोजित एक महत्वपूर्ण सभा को संबोधित किया। सुबह से ही सभा स्थल पर ग्रामीणों, किसानों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी। आसपास के गांवों और कस्बे के विभिन्न वार्डों से पहुंचे सैकड़ों लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बना दिया। भीड़ का जोश संकेत दे रहा था कि किसान हितों को लेकर संगठन का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए नौशाद त्यागी ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा बुलंद किया और कहा कि यह नारा देश की आत्मा है। उन्होंने कहा कि जवान सीमा की रक्षा करता है और किसान धरती की, इसलिए दोनों का सम्मान और अधिकार सुरक्षित करना राष्ट्र की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी किसान अपनी फसल का उचित मूल्य पाने, बढ़ती महंगाई से निपटने, खाद-बीज की कमी और सिंचाई संसाधनों के अभाव जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें चाहे किसी भी दल की हों, किसान हितों की अनदेखी लगातार होती आई है। किसान केवल अपना परिवार ही नहीं चलाता, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करता है, इसके बावजूद उसकी समस्याएं अक्सर उपेक्षित रहती हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय किसान यूनियन सिद्धार्थ किसानों की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और जब तक किसानों को उनका पूरा अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
सभा के दौरान नौशाद त्यागी ने घोषणा की कि संगठन प्रदेशभर में किसान जागरूकता और अधिकार अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके तहत गांव-गांव जाकर किसानों को उनके संवैधानिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं और संगठित होने की शक्ति से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर खड़े हों और किसी भी अन्याय का पूरी ताकत से मुकाबला करें।
सभा में मौजूद ग्रामीणों और पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष के सामने सिंचाई संकट, फसल बीमा, खाद-बीज वितरण की अनियमितता, आवागमन की दिक्कतों सहित स्थानीय समस्याएं रखीं। नौशाद त्यागी ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि संगठन इन्हें संबंधित विभागों और अधिकारियों तक प्राथमिकता से पहुंचाएगा और समाधान के लिए लगातार दबाव बनाएगा।
कार्यक्रम के अंत में किसानों और पदाधिकारियों ने संगठन की एकता, क्षमता और नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास जताया। सभा की सफल व्यवस्था और विशाल जनसमर्थन ने यह संकेत दिया कि राष्ट्रीय किसान यूनियन सिद्धार्थ का प्रभाव क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में किसान हितों की लड़ाई और अधिक सशक्त रूप में उभरकर सामने आएगी।

