नाली व चकमार्ग पर कब्जे को लेकर लेखपाल की रिपोर्ट पर उठे सवाल
सेमरिया जदीद में सात लोगों द्वारा फसल बोने का आरोप, परस्पर विरोधी आख्या बनी विवाद का कारण
बांदा।
तहसील अतर्रा अंतर्गत मौजा सेमरिया जदीद की सरकारी नाली संख्या 161 एवं चकमार्ग संख्या 162 को लेकर प्रशासनिक रिपोर्टों में विरोधाभास सामने आया है। एक ही क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा अलग-अलग तिथियों में प्रस्तुत आख्या ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संदर्भ संख्या 40017025025871 के तहत की गई जांच में क्षेत्रीय लेखपाल ने नाली संख्या 161 (रकबा 0.027 हेक्टेयर) एवं चकमार्ग संख्या 162 (रकबा 0.054 हेक्टेयर) को मौके पर खाली दर्शाया है। यह जांच शिकायतकर्ता द्वारा 9 दिसंबर 2025 को की गई शिकायत के अगले ही दिन 10 दिसंबर 2025 को स्थल निरीक्षण कर की गई, जिसमें फोटो भी संलग्न किए गए हैं।
वहीं इससे पूर्व इसी क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा 26 सितंबर 2025 को संदर्भ संख्या 92517000030789 में आख्या दी गई थी कि उक्त गाटा के आंशिक भाग पर कब्जा है तथा मामला उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के अंतर्गत तहसीलदार अतर्रा के समक्ष विचाराधीन है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूर्व में कब्जा स्वीकार किए जाने के बावजूद वर्तमान आख्या में नाली और चकमार्ग को खाली बताना वास्तविक स्थिति से परे है। आरोप है कि वर्तमान समय में नाली व चकमार्ग पर सात लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर फसल बो दी गई है, जिससे सार्वजनिक रास्ता और जलनिकासी पूरी तरह बाधित हो रही है।
मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में रोष व्याप्त है और उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष पुनः जांच कराकर सरकारी नाली एवं चकमार्ग को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस परस्पर विरोधी रिपोर्टों पर क्या रुख अपनाता है और कब तक वास्तविक स्थिति सामने आती है।

