टाटा मेमोरियल के 20 दिग्गज विशेषज्ञ आएंगे प्रयागराज, तीन दिन मंथन से बदलेगा कैंसर इलाज का नक्शा
प्रयागराज। वर्षों से कैंसर पीड़ितों की मजबूरी रही है—इलाज के लिए मुंबई या वाराणसी के चक्कर, भारी खर्च और समय की मार। लेकिन अब यह तस्वीर बदलने वाली है। स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय एसआरएन में जल्द ही टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल जैसी उन्नत कैंसर जांच और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की ठोस पहल शुरू हो चुकी है। इस बदलाव की नींव 22 से 24 जनवरी के बीच एमएलएन मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में पड़ने जा रही है, जहां एक राष्ट्रीय संगोष्ठी और कार्यशाला आयोजित होगी। यह आयोजन सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रयागराज को कैंसर उपचार के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।प्रेस क्लब में जानकारी देते हुए पैथोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कचनार वर्मा ने बताया कि यह कार्यशाला टाटा कैंसर संस्थान, मुंबई के सहयोग से आयोजित की जा रही है।इसमें टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के मुंबई, दिल्ली और वाराणसी केंद्रों से जुड़े करीब 20 वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ सीधे तौर पर शामिल होंगे। इनके साथ एम्स दिल्ली, पटना और देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के अनुभवी विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यशाला का फोकस केवल इलाज नहीं, बल्कि समय रहते कैंसर की सटीक पहचान और नई उपचार तकनीकों पर रहेगा। पहले दिन क्लीनिकल– पैथोलॉजी मीटिंग और ट्यूमर बोर्ड का आयोजन होगा, जहां जटिल मामलों पर गहन चर्चा की जाएगी। इसमें पैथोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, फिजीशियन, सर्जन और प्रयोगशालाओं में कार्यरत तकनीकी विशेषज्ञ एक ही मंच पर बैठकर उपचार की दिशा तय करेंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से एसआरएन अस्पताल में कैंसर के मरीजों को न सिर्फ समय पर जांच और सलाह मिलेगी, बल्कि भविष्य में उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन भी नहीं करना पड़ेगा। प्रयागराज के लिए यह संगोष्ठी सिर्फ तीन दिन का आयोजन नहीं, बल्कि कैंसर के खिलाफ एक लंबी और निर्णायक लड़ाई की शुरुआत मानी जा रही है।
