फाल्गुन षष्ठी और शनिवार का पावन संयोग, महंत बलवीर गिरी महाराज ने किया बजरंग बली का भव्य शृंगार
प्रयागराज। आस्था और भक्ति की पावन भूमि में शनिवार की भोर जैसे ही हुई, संगम नगरी का वातावरण एक अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। श्री बड़े हनुमान मंदिर में फाल्गुन कृष्णपक्ष की षष्ठी के शुभ अवसर पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दूर से आए श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े रहे और पूरा मंदिर परिसर “जय श्री राम” तथा “बोलो बजरंग बली की जय” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। मंदिर के संरक्षक और महंत बलवीर गिरी ने विधि-विधान के साथ स्वयं बजरंग बली का दिव्य अभिषेक और शृंगार संपन्न कराया। जैसे ही पूजा-अनुष्ठान आरंभ हुआ, मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों की ध्वनि और घंटों-घड़ियालों की गूंज से ऐसा लगा मानो पूरा वातावरण भक्ति में डूब गया हो। पंचामृत से हुआ दिव्य स्नान, गंगाजल से अभिषेक भोर से शुरू हुए इस विशेष अनुष्ठान में सबसे पहले बजरंग बली को पंचामृत से स्नान कराया गया। दूध, दही, शहद, हल्दी और शुद्ध देसी घी से तैयार पंचामृत से प्रभु का अभिषेक होते ही श्रद्धालुओं की आस्था और भी प्रगाढ़ हो गई। इसके बाद संगम से लाए गए पवित्र गंगाजल से भगवान का महाअभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर में मौजूद भक्त मंत्रोच्चार के साथ प्रभु के जयकारे लगाते रहे और पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो उठा। अभिषेक के बाद हनुमान जी का भव्य और दिव्य शृंगार किया गया। प्रभु को नए वस्त्र पहनाए गए, सिंदूर का विशेष लेपन किया गया और रंग-बिरंगे फूलों की मालाओं से सजाया गया। शृंगार के पश्चात बजरंग बली को मोदक और मौसमी फलों का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद महंत बलवीर गिरी महाराज ने महाआरती उतारी, जिसमें शामिल भक्त भाव-विभोर होकर प्रभु के दर्शन करते रहे। इस अवसर पर महंत बलवीर गिरी महाराज ने बताया कि हनुमान जी की आराधना के लिए शनिवार का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की षष्ठी तिथि और शनिवार का यह पावन संयोग भक्तों के लिए विशेष रूप से कष्ट निवारक होता है। आज के दिन पंचामृत स्नान और विशेष शृंगार से शनि दोषों से मुक्ति मिलती है और बजरंग बली की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शनिवार को हुए इस दिव्य अनुष्ठान ने संगम नगरी की आध्यात्मिक परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया। श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था, भक्ति और विश्वास की चमक साफ दिखाई दे रही थी—मानो हर भक्त के मन में यही विश्वास हो कि बजरंग बली की कृपा से जीवन के सारे संकट दूर हो जाएंगे।
