बांदा। भीषण गर्मी के बीच जनपद की गौशालाओं में गोवंशों की देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बबेरू ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत पारा बिहारी में संचालित अस्थायी गौशाला के निरीक्षण के दौरान गोवंशों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली। बताया गया कि यहाँ गोवंशों को केवल सूखा भूसा ही खिलाया जा रहा है और मौके पर कुल 111 गोवंश मौजूद मिले।निरीक्षण के दौरान एक गड्ढे में मृत गोवंश भी पड़ा मिला, जिसे कुत्ते नोचते हुए देखे गए। यह दृश्य गौशाला प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करता है। गर्मी के मौसम को देखते हुए गोवंशों के लिए साफ और पर्याप्त पानी की व्यवस्था होना आवश्यक है, लेकिन यहाँ पानी की टंकी में गंदा पानी भरा मिला।इसी तरह बबेरू ब्लॉक की ही ग्राम पंचायत पलहरी में संचालित अस्थायी गौशाला की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। जानकारी के अनुसार अगस्त माह में यहाँ 88 गोवंश संरक्षित थे, लेकिन वर्तमान में मात्र 48 गोवंश ही पाए गए। गौशाला में गोवंशों को सूखा भूसा खिलाया जा रहा है और 48 गोवंशों में केवल 5 के ही टैग लगे मिले, जबकि शेष गोवंश बिना टैग के पाए गए।इस मामले पर सवाल उठाते हुए विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा के जिला अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने कहा कि बिना टैग के गोवंशों पर भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है, यह जांच का विषय है। उन्होंने बताया कि अपनी टीम के साथ बबेरू ब्लॉक की विभिन्न गौशालाओं का भ्रमण करने पर अधिकतर जगहों पर गर्मी को देखते हुए कोई ठोस व्यवस्था नहीं मिली। पानी की टंकियों की सफाई नहीं है और गोवंशों को सिर्फ सूखा भूसा दिया जा रहा है।महेश कुमार प्रजापति ने यह भी कहा कि कई गौशालाओं में अगस्त माह की तुलना में गोवंशों की संख्या में लगभग 20 से 30 प्रतिशत की कमी आई है। आखिर इतनी बड़ी संख्या में गोवंश कहां गए, यह भी जांच का विषय है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और गौशालाओं की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
