पुलिस की सुस्ती पर भड़के पुलिस आयुक्त, बरहन थाना प्रभारी को लगाई कड़ी फटकार
(आगरा) लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। थाना बरहन क्षेत्र के अंतर्गत गांव बास इद्रा में एक स्थानीय पत्रकार को समाचार प्रकाशित करना भारी पड़ गया। खबर से बौखलाए दबंगों ने न केवल पत्रकार के साथ मारपीट की, बल्कि कनपटी पर तमंचा रखकर जान से मारने की धमकी देते हुए नकदी भी छीन ली। इस मामले में स्थानीय पुलिस की लापरवाही पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने कड़ी नाराजगी जताते हुए थाना प्रभारी को फटकार लगाई है।पीड़ित पत्रकार राकेश कुमार (निवासी बास इद्रा) ने बताया कि हाल ही में उन्होंने एक संपत्ति विवाद में पिता-पुत्र के घायल होने की खबर समाचार पत्र में प्रकाशित की थी। इस खबर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसी बात की रंजिश रखते हुए आरोपी पत्रकार को निशाना बनाने की फिराक में थे।पीड़ित के अनुसार, घटना 12 मार्च 2026 की रात करीब 9:15 बजे की है। जब वह अपने कार्यालय ऑवलखेड़ा से घर लौट रहे थे, तभी घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।विरोध करने पर आरोपियों ने पत्रकार के साथ अभद्रता की और मारपीट शुरू कर दी।आरोप है कि हमलावरों ने राकेश की कनपटी पर तमंचा सटा दिया और जेब में रखे 2500 रुपये जबरन निकाल लिए। छीना-झपटी में पत्रकार की जेब भी फट गई।पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल हैरानी की बात यह है कि घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने चौकी ऑवलखेड़ा और थाना बरहन में लिखित तहरीर दी, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से उनके हौसले और बढ़ गए हैं और वे खुलेआम पत्रकार को दोबारा अंजाम भुगतने की धमकियां दे रहे हैं।सोमवार को पीड़ित ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से मुलाकात कर आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने तत्काल बरहन थाना प्रभारी को फटकार लगाई और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है
