डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ की ऐतिहासिक बैठक में “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” के गठन पर सर्वसम्मति, बहुजन समाज के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में बड़ा निर्णय
लखनऊ / सिधौली।
डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के बढ़ते संगठनात्मक विस्तार, समाज में बढ़ती लोकप्रियता और बहुजन समाज के बीच तेजी से फैल रही जागरूकता को देखते हुए संगठन की एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बहुजन समाज को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संगठित करने के लिए एक नए संगठनात्मक ढांचे पर विचार करना था।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने गंभीरता से विचार-विमर्श करते हुए यह महसूस किया कि वर्तमान समय में बहुजन समाज को एक सशक्त, संगठित और वैचारिक रूप से मजबूत मंच की आवश्यकता है। समाज में बढ़ती असमानता, सामाजिक अन्याय और संवैधानिक मूल्यों के सामने खड़ी चुनौतियों को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि बहुजन समाज को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी एकजुट किया जाए।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बैठक में “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” के गठन का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा के बाद सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने सर्वसम्मति से इसे स्वीकार किया और इसे बहुजन समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
बैठक में कहा गया कि भारत के संविधान निर्माता, भारत रत्न, विश्व मानवता के महान विचारक और सामाजिक क्रांति के अग्रदूत डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर ने जिस समतामूलक समाज की परिकल्पना की थी, उस सपने को साकार करने के लिए समाज को संगठित और जागरूक बनाना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. आंबेडकर ने शिक्षा, संगठन और संघर्ष का जो मंत्र दिया था, वही आज भी बहुजन समाज की प्रगति का सबसे बड़ा मार्गदर्शन है।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में बहुजन समाज को अपने अधिकारों, सम्मान और सामाजिक न्याय के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” का गठन एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय है।
बैठक में यह भी कहा गया कि बहुजन समाज केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में भी बड़ी संख्या में बहुजन समाज के लोग रहते हैं। ऐसे में एक ऐसे संगठन की आवश्यकता है जो वैश्विक स्तर पर बहुजन समाज को जोड़ सके, उनके अधिकारों की आवाज उठा सके और सामाजिक न्याय की विचारधारा को विश्व स्तर पर मजबूत कर सके।
बैठक के दौरान संगठन के नेतृत्व को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने एक स्वर में यह प्रस्ताव रखा कि बहुजन समाज के समर्पित कार्यकर्ता और सामाजिक न्याय के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे राजेश कुमार सिद्धार्थ को “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” का संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव का जोरदार समर्थन किया और कहा कि राजेश कुमार सिद्धार्थ का नेतृत्व संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उन्होंने लंबे समय से बहुजन समाज के अधिकारों, संविधान की रक्षा और सामाजिक समानता के लिए निरंतर संघर्ष किया है। उनकी सक्रियता, संगठन क्षमता और मिशन के प्रति समर्पण को देखते हुए यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि राजेश कुमार सिद्धार्थ का बहुजन आंदोलन में योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने सामाजिक जागरूकता, पत्रकारिता और संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से बहुजन समाज की आवाज को मजबूत करने का कार्य किया है। उनके नेतृत्व में संगठन निश्चित रूप से देश और दुनिया में बहुजन समाज के अधिकारों के लिए एक मजबूत मंच बनकर उभरेगा।
इसके साथ ही संगठन के विस्तार और मजबूती के लिए अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारियों का भी चयन किया गया। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गंगा प्रसाद बौद्ध, जो कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री बहन कुमारी मायावती के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी रह चुके हैं, उन्हें “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जाए।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि गंगा प्रसाद बौद्ध का प्रशासनिक अनुभव, सामाजिक समझ और बहुजन आंदोलन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से संगठन को नई दिशा मिलेगी और बहुजन समाज के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
इसी क्रम में संगठन के वरिष्ठ समाजसेवी और विचारक डॉ. आर.सी. कमल को भी “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह कहा गया कि डॉ. आर.सी. कमल लंबे समय से सामाजिक चेतना और बहुजन समाज के उत्थान के लिए कार्य करते आ रहे हैं। उनके अनुभव और वैचारिक मार्गदर्शन से संगठन को मजबूत आधार मिलेगा।
इसके अतिरिक्त संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता और सामाजिक चिंतक श्री कृष्णा भास्कर को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि श्री कृष्णा भास्कर का संगठनात्मक अनुभव और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में संगठन को जिला, मंडल, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया जाएगा। इसके लिए एक व्यापक संगठनात्मक अभियान चलाया जाएगा जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में संगठन की इकाइयों का गठन किया जाएगा।
सदस्यों ने यह भी प्रस्ताव रखा कि संगठन के माध्यम से बहुजन समाज के युवाओं को जागरूक और शिक्षित किया जाएगा। युवाओं को सामाजिक नेतृत्व के लिए तैयार किया जाएगा ताकि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।
बैठक में यह भी कहा गया कि “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” का मुख्य उद्देश्य बहुजन समाज को शिक्षित, संगठित और संघर्षशील बनाना है। संगठन संविधान की मूल भावना — स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय — को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए कार्य करेगा।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बहुजन समाज के महान नेताओं — डॉ. भीमराव आंबेडकर, मान्यवर कांशीराम और अन्य सामाजिक क्रांतिकारियों — के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनके विचार ही समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ाने का मार्ग दिखाते हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, मानवाधिकार, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर सक्रिय रूप से कार्य करेगा। इसके लिए देश भर में जनजागरण अभियान चलाए जाएंगे।
सदस्यों ने कहा कि बहुजन समाज के अधिकारों की रक्षा करना और समाज में समानता स्थापित करना ही संगठन का मुख्य उद्देश्य है। संगठन किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव, अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाएगा।
बैठक के दौरान यह भी कहा गया कि वर्तमान समय में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. आंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों को जागरूक और संगठित होना होगा।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” बहुजन समाज को एक मजबूत मंच प्रदान करेगी, जिसके माध्यम से समाज के लोग अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठा सकेंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन डिजिटल मीडिया, सामाजिक अभियानों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से बहुजन समाज के मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाएगा।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि वे बहुजन समाज के उत्थान, सामाजिक समानता और संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे।
सभी उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि संगठन को मजबूत बनाना और बहुजन समाज को जागरूक करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आने वाले समय में संगठन के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े-बड़े कार्यक्रम, सम्मेलन और जनजागरण अभियान आयोजित किए जाएंगे।
बैठक के समापन पर सभी उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों ने “जय भीम, जय भारत, जय संविधान” के नारों के साथ संगठन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

