बहुजन आंदोलन को वैश्विक दिशा देने की ऐतिहासिक पहल — डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ की बैठक में “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” के गठन पर सर्वसम्मति, राजेश कुमार सिद्धार्थ होंगे संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष
लखनऊ / सिधौली।
सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और बहुजन समाज की एकता को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ की एक महत्वपूर्ण एवं व्यापक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी तथा बहुजन आंदोलन से जुड़े जागरूक साथियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बहुजन समाज को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संगठित करने की रणनीति तैयार करना था।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने गहन विचार-विमर्श करते हुए यह महसूस किया कि आज के समय में सामाजिक समानता, न्याय और संविधान की रक्षा के लिए बहुजन समाज को एक मजबूत, संगठित और प्रभावशाली मंच की आवश्यकता है। समाज के विभिन्न वर्गों के बीच फैली असमानता, सामाजिक भेदभाव और लोकतांत्रिक मूल्यों के सामने खड़ी चुनौतियों को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि बहुजन समाज को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़ाकर वैश्विक स्तर पर भी संगठित किया जाए।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बैठक में “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” के गठन का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा के बाद सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की और इसे बहुजन समाज की एक ऐतिहासिक आवश्यकता बताया। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि यह संगठन न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर बहुजन समाज की आवाज को सशक्त बनाने का कार्य करेगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारत के संविधान निर्माता, विश्व मानवता के महान विचारक और सामाजिक क्रांति के अग्रदूत डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर ने जिस समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज की कल्पना की थी, उसे साकार करना आज भी बहुजन समाज का सबसे बड़ा लक्ष्य है। डॉ. आंबेडकर ने “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का जो संदेश दिया था, वही आज भी बहुजन आंदोलन की मूल प्रेरणा है।
बैठक में कहा गया कि बहुजन समाज की ताकत उसकी एकता, जागरूकता और संगठन में निहित है। यदि समाज शिक्षित और संगठित होगा तो वह अपने अधिकारों के लिए प्रभावी ढंग से संघर्ष कर सकेगा। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” का गठन एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक कदम है।
बैठक में यह भी कहा गया कि आज बहुजन समाज केवल भारत तक सीमित नहीं है। दुनिया के अनेक देशों में बहुजन समाज के लोग शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। ऐसे में एक ऐसे संगठन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुजन समाज को एकजुट कर सके और उनके अधिकारों, सम्मान और सामाजिक न्याय की आवाज को वैश्विक मंच तक पहुंचा सके।
बैठक के दौरान संगठन के नेतृत्व को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया कि बहुजन आंदोलन के समर्पित कार्यकर्ता, समाजसेवी और पत्रकार राजेश कुमार सिद्धार्थ को “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” का संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए।
सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि राजेश कुमार सिद्धार्थ लंबे समय से बहुजन समाज के अधिकारों, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते आ रहे हैं। उन्होंने सामाजिक जागरूकता, संगठन निर्माण और मिशन पत्रकारिता के माध्यम से बहुजन समाज की आवाज को मजबूती देने का कार्य किया है। उनके नेतृत्व में संगठन निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और बहुजन समाज के आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
बैठक में यह भी कहा गया कि राजेश कुमार सिद्धार्थ का जीवन बहुजन समाज की सेवा और सामाजिक परिवर्तन के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने समाज के वंचित और शोषित वर्गों की आवाज उठाने के लिए निरंतर कार्य किया है और बहुजन आंदोलन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
इसके साथ ही संगठन को मजबूत बनाने के लिए अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारियों का भी चयन किया गया। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गंगा प्रसाद बौद्ध, जो कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री बहन कुमारी मायावती के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी रह चुके हैं, उन्हें संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि गंगा प्रसाद बौद्ध का प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक समझ संगठन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उनका अनुभव संगठन को मजबूत बनाने और बहुजन समाज के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसी क्रम में संगठन के वरिष्ठ समाजसेवी और विचारक डॉ. आर.सी. कमल को भी “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बैठक में यह कहा गया कि डॉ. आर.सी. कमल लंबे समय से सामाजिक चेतना और बहुजन समाज के उत्थान के लिए कार्य करते आ रहे हैं। उनके अनुभव और वैचारिक मार्गदर्शन से संगठन को एक मजबूत वैचारिक आधार मिलेगा।
इसके अतिरिक्त संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता और सामाजिक चिंतक श्री कृष्णा भास्कर को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि श्री कृष्णा भास्कर का संगठनात्मक अनुभव और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक होगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में संगठन का व्यापक विस्तार किया जाएगा। इसके लिए जिला, मंडल, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक इकाइयों का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही विदेशों में भी संगठन की शाखाएं स्थापित करने की योजना बनाई गई है, ताकि विश्व भर में फैले बहुजन समाज को एक साझा मंच पर जोड़ा जा सके।
बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि संगठन बहुजन समाज के युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करेगा। युवाओं को शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाया जाएगा ताकि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।
सदस्यों ने कहा कि “अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी” का मुख्य उद्देश्य बहुजन समाज को शिक्षित, संगठित और संघर्षशील बनाना है। संगठन संविधान की मूल भावना — स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय — को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए कार्य करेगा।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने यह भी कहा कि बहुजन समाज के महान नेताओं — डॉ. भीमराव आंबेडकर, मान्यवर कांशीराम और अन्य सामाजिक क्रांतिकारियों — के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनके विचार ही समाज को समानता, न्याय और मानवता की दिशा में आगे बढ़ाने का मार्ग दिखाते हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेगा। इसके लिए देशभर में जनजागरण अभियान, संगोष्ठियां, सम्मेलन और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सदस्यों ने कहा कि बहुजन समाज के अधिकारों की रक्षा करना और समाज में समानता स्थापित करना ही संगठन का मूल उद्देश्य है। संगठन किसी भी प्रकार के सामाजिक अन्याय, भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि वर्तमान समय में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. आंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकारों को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों और पदाधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि वे बहुजन समाज के उत्थान, सामाजिक समानता और संविधान की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। संगठन को मजबूत बनाना और बहुजन समाज को जागरूक करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक के समापन पर सभी उपस्थित साथियों ने “जय भीम, जय भारत, जय संविधान” के नारों के साथ बहुजन एकता और सामाजिक न्याय के संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

