महमूदाबाद, सीतापुर।
तहसील महमूदाबाद के ग्राम सरैया में विगत दिनों हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में कई परिवारों को भारी जानमाल का नुकसान उठाना पड़ा, वहीं अनेक लोग घायल व हताहत भी हुए। आग की इस विभीषिका के बीच सोशल मीडिया पर सामने आई एक मार्मिक तस्वीर—जिसमें एक छोटी बच्ची राख के ढेर के बीच पढ़ने की कोशिश करती नजर आई—ने हर किसी की आंखें नम कर दीं और समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया।
इसी संवेदनशील स्थिति को देखते हुए, जब एक ओर शासन द्वारा “स्कूल चलो अभियान” को गति दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ महमूदाबाद ने मानवीय पहल करते हुए पीड़ित परिवारों के बच्चों के भविष्य को संवारने का सराहनीय कदम उठाया।
ब्लॉक अध्यक्ष संदीप वर्मा के निर्देशानुसार एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें उपाध्यक्ष अमित दीक्षित एवं मंत्री विवेक विमल शामिल रहे, ने ग्राम सरैया पहुंचकर पीड़ित बच्चों एवं उनके अभिभावकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ उनका हालचाल जाना, बल्कि उन्हें ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
महासंघ के पदाधिकारियों—किस्मत द्विवेदी, सपना शर्मा, पीयूष वर्मा, विजय सोनकर, मोनिका गुप्ता, अनंत श्रीवास्तव एवं रंजना मिश्रा—के सहयोग से प्रभावित बच्चों को कापी, किताबें, पेंसिल, बैग सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह प्रयास भले ही छोटा हो, लेकिन इसका उद्देश्य उन बच्चों की शिक्षा की लौ को बुझने से बचाना है, जिनकी पढ़ाई की सामग्री अग्निकांड में नष्ट हो गई थी। इस पहल से यह संदेश भी दिया गया कि विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा का महत्व कम नहीं होता और समाज का हर वर्ग ऐसे समय में एकजुट होकर आगे आए।
इस सराहनीय कार्य के लिए खंड शिक्षाधिकारी श्रीमती सीमा चौहान एवं महासंघ के महामंत्री पुनीत वर्मा के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनके मार्गदर्शन व सहयोग से यह मानवीय पहल सफल हो सकी।
समाज के लिए प्रेरणा बनी यह पहल
ग्राम सरैया में किया गया यह सहयोगात्मक प्रयास न केवल पीड़ित परिवारों के लिए संबल बना, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा भी बन गया है कि कठिन समय में एकजुटता और संवेदनशीलता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
