खड़िया क्षेत्र में दहशत। वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग
मोतीपुर बहराइच - तहसील मिहींपुरवा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय खड़िया में पढ़ने जा रहे बच्चों के सामने सोमवार सुबह अचानक बाघ के आ जाने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया लेकिन घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार खड़िया गांव के मजरा गोंडापुरवा से करीब 2 किलोमीटर दूर जंगल किनारे स्थित रास्ते से होकर बच्चे प्रतिदिन विद्यालय आते-जाते हैं। सोमवार सुबह करीब 8 बजे गोंडापुरवा के करीब 15 छात्र-छात्राएं समूह में विद्यालय जा रहे थे। तभी जंगल के समीप अचानक बाघ सामने आ गया और बच्चों को देखकर गुर्राने लगा।
बच्चे भयभीत होकर वहीं रुक गए। इसी दौरान बाघ उनकी ओर बढ़ने लगा। पास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने यह दृश्य देखा तो तत्काल शोर मचाते हुए मौके की ओर दौड़े और हाका लगाकर बाघ को भगाया। भीड़ बढ़ती देख बाघ वापस जंगल की ओर लौट गया जिससे बच्चों की जान बच सकी।
घटना में विद्यालय की छात्रा अंशिका पुत्री ध्रुव शर्मा, रिया पुत्री श्याम बिहारी और ऋषिका पुत्री पिंकू सहित अन्य बच्चे बुरी तरह सहम गए। बच्चों ने बताया कि यदि समय पर ग्रामीण न पहुंचते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
विद्यालय के शिक्षक शिव शंकर गुप्ता ने बताया कि गोंडापुरवा से आने वाले करीब 15 बच्चे इसी रास्ते से प्रतिदिन विद्यालय आते हैं जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान चंद्रेश कुमार मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाया। उन्होंने वन विभाग को सूचना देते हुए मांग की कि क्षेत्र में लगातार बाघ की आवाजाही हो रही है ऐसे में तत्काल पिंजरा लगाकर उसे पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे होने के कारण आए दिन जंगली जानवर गांव के करीब पहुंच रहे हैं जिससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। फिलहाल घटना के बाद बच्चों और अभिभावकों में भय का माहौल है।
