कौशांबी। दोआबा क्षेत्र के 36 गांवों से होकर गुजरने वाला राम वन गमन मार्ग (National Highway 19 - NH-19) इस समय लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि खतरे का कारण बनता जा रहा है। मंझनपुर तहसील से होकर गुजरने वाला यह मार्ग वर्तमान में लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन गया है।
ताजा मामला टेवां टिकरी के पास स्थित यूपी आईटीआई राजकीय संस्थान के नजदीक का है, जहां निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है।
सड़क के बीचों-बीच गहरे गड्ढे, बाहर निकले सरिए और असमतल सतह के कारण वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ रही है।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि दोपहिया वाहन सीधे गड्ढों में फंस रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सबसे गंभीर बात यह है कि मौके पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है। रात के समय स्थिति और भयावह हो जाती है, जब अंधेरे में यह अधूरा निर्माण दिखाई तक नहीं देता। ऐसे में अनजान राहगीर सीधे दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।
यह मार्ग विकास के नाम पर शुरू तो किया गया, लेकिन सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। संबंधित विभाग द्वारा नियमों और दिशानिर्देशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जो सीधे तौर पर आम जनता की जान के साथ खिलवाड़ है।
यह मार्ग जहां एक ओर धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान हालात इसे “मौत का रास्ता” बना रहे हैं। यदि जल्द ही यहां उचित सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी संकेत और निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल मांग है कि इस जानलेवा लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई हो, निर्माण कार्य को सुरक्षित तरीके से पूरा किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए—ताकि आम जनता की जिंदगी के साथ हो रहा यह खतरनाक खिलवाड़ तुरंत रोका जा सके।
