लखनऊ। अमीनाबाद के घने इलाके में, जहाँ टुंडे कबाबी की खुशबू से ज्यादा अब अवैध निर्माण के बारूद की गंध आ रही है, अमीनाबाद स्थित मुगल जायका का होटल में विकास के नए आयाम स्थापित कर दिए हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण के मानकों को ठेंगा दिखाते हुए इस होटल पर तीन मंजिलों की अवैध टॉपी पहना दी गई है।
इस पूरे खेल में सीलिंग का नाटक किसी सुपरहिट फिल्म से कम नहीं है। जब भी जनता का दबाव बढ़ता है, तो एलडीए के जांबाज सिपाही सीलिंग का ऐसा ताना-बाना बुनते हैं कि खुद मकड़ी भी शरमा जाए। सुनने में आया है कि जब इंजीनियर सुनील कुमार जी पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा, तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से गेंद पुलिस के पाले में डाल दी कि हमने तो चिट्ठी लिख दी है!
अब मजे की बात देखिए, एलडीए कहता है चिट्ठी भेजी है, पुलिस कहती है हमें मिली नहीं, शायद लखनऊ की भीषण गर्मी में वह चिट्ठी रास्ते में ही भाप बन गई या फिर किसी बिल्डर की जेब के ठंडे एसी में सो गई।
अमीनाबाद जैसे संवेदनशील इलाके में जहाँ आग की एक चिंगारी तबाही मचा सकती है, वहाँ अधिकारी और बिल्डर सांठगांठ के मखमली बिस्तर पर चैन की नींद सो रहे हैं। जनता कार्रवाई का इंतजार कर रही है और हुक्मरान अपनी जेबें भरने में मशगूल हैं। आखिर मुगल जायका होटल का है, तो कानून का फंसना तो
