सरैयां/सीतापुर।
विकास खंड पहला क्षेत्र में किसानों को मिलने वाली खाद वितरण व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम दमुवापुर मजरा खमरिया निवासी किसान दिलीप कुमार ने इफको कृषक सेवा केंद्र सिकंदराबाद के कर्मी पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। किसान का आरोप है कि उसके आधार कार्ड पर दो बोरी यूरिया का टोकन जारी कर दिया गया, जबकि उसे सिर्फ एक बोरी खाद दी गई। दूसरी बोरी कथित रूप से किसी अन्य व्यक्ति को अधिक दामों पर बेच दी गई।
किसान दिलीप कुमार के अनुसार, उन्होंने बीती 29 अप्रैल को इफको कृषक सेवा केंद्र सिकंदराबाद से 450 रुपये देकर एक बोरी यूरिया खरीदी थी। उस समय केंद्र कर्मी ने आधार कार्ड के माध्यम से खाद वितरण की प्रक्रिया पूरी की। किसान का कहना है कि उसे इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उसके नाम पर सिस्टम में दो बोरी यूरिया दर्ज कर दी गई है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब किसान 16 मई को भुड़कुड़ा स्टोर पर दोबारा यूरिया लेने पहुंचा। वहां सचिव द्वारा आधार नंबर दर्ज किए जाने पर जानकारी मिली कि उसके नाम पर पहले ही दो बोरी यूरिया उठाई जा चुकी हैं। यह सुनकर किसान हैरान रह गया। उसने तत्काल आपत्ति जताई और बताया कि उसे केवल एक बोरी ही मिली थी।
पीड़ित किसान का आरोप है कि केंद्र पर तैनात कर्मी ने सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर दूसरी बोरी अपने पास रख ली और बाद में उसे किसी अन्य किसान को मनमाने दामों पर बेच दिया। किसान ने इसे सीधे तौर पर गरीब किसानों के अधिकारों पर डाका बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
दिलीप कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि यदि समय रहते इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक नहीं लगाई गई तो खाद वितरण व्यवस्था में किसानों का भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए खाद वितरण केंद्रों की निगरानी बढ़ाने की भी मांग की है।
क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। किसानों का कहना है कि खाद वितरण में पारदर्शिता के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं। किसानों ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
