बांदा उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन के दशहरा मैदान में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा ने भक्तों को भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंग दिया। कथा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन चरित्र का श्रवण कर धर्म, मर्यादा और मानवता का संदेश ग्रहण किया।
पूज्य श्री राजन महाराज के शिष्य ने राम जन्म से लेकर वनगमन, सीता हरण, हनुमान-राम मिलन और रावण वध तक की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कलियुग में रामकथा का श्रवण और रामनाम का स्मरण ही मनुष्य को जीवन के संकटों से उबारने का सबसे सरल मार्ग है। उनके प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
प्रतिदिन कथा के समापन पर भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालु "सियापति रामचंद्र की जय" के जयघोष के साथ भक्ति में झूमते नजर आए। पूरा दशहरा मैदान राममय वातावरण से गुंजायमान रहा।इस भव्य आयोजन के यजमान बांदा निवासी भाजपा नेता अजीत कुमार गुप्ता रहे। उन्होंने कहा कि महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में श्रीराम कथा का आयोजन उनके जीवन का सौभाग्य है। उनका उद्देश्य समाज में सनातन संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और भगवान राम के आदर्शों का प्रचार-प्रसार करना है, ताकि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति से जुड़ी रहे।
कथा में उज्जैन सहित मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बांदा-चित्रकूट क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आयोजन समिति द्वारा सभी भक्तों के लिए प्रसाद एवं भंडारे की समुचित व्यवस्था की गई।
इस अवसर पर संत-महात्माओं और धर्माचार्यों ने अजीत कुमार गुप्ता एवं उनके भाई उपेंद्र गुप्ता को इस धार्मिक आयोजन के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में रेखा गुप्ता, अनुराधा गुप्ता, ज्योति गुप्ता, सुनील कुमार गुप्ता (लल्ला भैया), राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, जैराज सिंह, अरुण शुक्ला, सदैव गुप्ता, विनोद गुप्ता, कुलदीप द्विवेदी, सुभाष द्विवेदी, अजय गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता, सुरेश काहा, अतुल गुप्ता, श्रीचंद गुप्ता, गुलाब चंद, पंकज द्विवेदी, पत्रकार अमल गोयल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।महाकाल की नगरी में आयोजित यह रामकथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं रही, बल्कि समाज को मर्यादा, सेवा, त्याग और सद्भाव का संदेश देने वाला एक सांस्कृतिक महोत्सव बन गई।
