डबल इंजन सरकार की विकास गति का उदाहरण बनी योजना, हजारों किसानों को मिलेगा सिंचाई का स्थायी समाधान
बांदा, 10 जून। कभी सूखे, पलायन और जल संकट की त्रासदी झेलने वाले बुंदेलखंड की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की डबल इंजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल जल प्रबंधन और सिंचाई योजनाओं का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में बांदा जिले के बड़ोखर ब्लॉक के किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर है। लगभग 44.53 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रामजानकी पंप नहर परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और इसका करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि उन हजारों किसानों के सपनों का आधार है जो वर्षों से सिंचाई के लिए बारिश और सीमित जल संसाधनों पर निर्भर रहने को मजबूर थे। योजना के पूर्ण होते ही क्षेत्र के खेतों तक नियमित पानी पहुंचेगा और कृषि उत्पादन में व्यापक वृद्धि की संभावना बनेगी।रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ अधिकांश निर्माण कार्य रामजानकी पंप नहर परियोजना का शुभारंभ 20 सितंबर 2023 को किया गया था। जल शक्ति विभाग को इसे पूर्ण करने के लिए नवंबर 2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। लेकिन सरकार की सतत निगरानी, अधिकारियों की जवाबदेही और निर्माण एजेंसियों की सक्रियता के चलते परियोजना निर्धारित अवधि से काफी पहले पूर्णता की ओर बढ़ रही है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष पांच प्रतिशत कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द परियोजना का लोकार्पण कर इसे किसानों को समर्पित किया जा सके।
20 क्यूसेक क्षमता वाली आधुनिक पंप नहर
यह परियोजना आधुनिक तकनीक पर आधारित 20 क्यूसेक क्षमता वाली पंप नहर है। इसकी मदद से पर्याप्त मात्रा में पानी खेतों तक पहुंचाया जाएगा। बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र में जहां वर्षा अनियमित रहती है और भूजल स्तर लगातार चुनौती बना रहता है, वहां यह परियोजना कृषि क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही।विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसान एक फसल के स्थान पर दो या तीन फसलें लेने में भी सक्षम होंगे। इससे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
दशकों पुरानी समस्या का समाधान बड़ोखर ब्लॉक के अनेक गांव लंबे समय से सिंचाई संकट से जूझते रहे हैं। खेती के लिए किसानों को या तो बारिश पर निर्भर रहना पड़ता था अथवा निजी साधनों से महंगी सिंचाई करनी पड़ती थी। इससे खेती की लागत बढ़ती थी और उत्पादन प्रभावित होता था।
रामजानकी पंप नहर परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र के हजारों किसानों को नियमित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार आएगा। साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद भी बढ़ेगी।बदलती तस्वीर का प्रतीक बन रहा बुंदेलखंड
एक समय बुंदेलखंड का नाम आते ही सूखा, पानी की कमी और पलायन जैसी समस्याएं चर्चा में रहती थीं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार, तालाब पुनर्जीवन, नहरों के निर्माण और पेयजल योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र की तस्वीर बदलने का प्रयास किया गया है।
रामजानकी पंप नहर परियोजना उसी परिवर्तन की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। यह योजना न केवल जल संकट कम करेगी बल्कि कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।किसानों में उत्साह, जल्द लोकार्पण की उम्मीद
परियोजना के अंतिम चरण में पहुंचने से क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से जिस पानी का इंतजार था, वह अब उनके खेतों तक पहुंचेगा। किसानों का कहना है कि सिंचाई सुविधा मिलने से खेती की संभावनाएं बढ़ेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार शेष कार्य को भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है और जल्द ही यह महत्वाकांक्षी परियोजना जनता को समर्पित कर दी जाएगी।
