CJP के प्रदर्शन में 2873 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की मौजूदगी का दावा, दिल्ली पुलिस ने FRS डेटा का किया हवाला
नई दिल्ली, 27 जुलाई। नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से जुटाए गए डेटा के विश्लेषण में 2,873 ऐसे लोगों की पहचान हुई है जिनका नाम विभिन्न आपराधिक मामलों में दर्ज है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन लोगों में हत्या, लूट, डकैती, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में आरोपी या वांछित रहे व्यक्ति भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए FRS कैमरों में कैद तस्वीरों का मिलान उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड से किया गया, जिसके बाद यह जानकारी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, चांद बाग और सीलमपुर, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जामिया नगर, शाहीन बाग और ओखला तथा मध्य दिल्ली के कुछ क्षेत्रों से जुड़े कई लोगों की पहचान की गई है। जांच एजेंसियां अब इन व्यक्तियों की भूमिका और प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं में उनकी संभावित संलिप्तता की जांच कर रही हैं।
गौरतलब है कि संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पुलिस का आरोप है कि हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने के आरोप लगाए थे।
हालांकि, दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया यह दावा जांच का हिस्सा है और इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रदर्शन में मौजूद सभी चिन्हित व्यक्तियों को इन मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। किसी भी व्यक्ति की दोषसिद्धि का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाता है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच जारी रखे हुए है और प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं से जुड़े साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

