गोरखपुर।आज पूर्वांचल और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ या दिल्ली भागने की जरूरत नहीं पड़ रही है। रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर ने क्षेत्र में इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर सेवाओं को मजबूत करते हुए अब तक 4,900 से अधिक गंभीर मरीजों का सफल इलाज किया है। अस्पताल में 24×7 इमरजेंसी, आधुनिक आईसीयू और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उपलब्ध है।
हाल ही में 56 वर्षीय घनश्याम को बेहद गंभीर स्थिति में बेहोशी की हालत में अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। उस समय उनका ऑक्सीजन लेवल घटकर महज 27 प्रतिशत रह गया था। जांच के दौरान उनमें सेप्टिक शॉक, फेफड़ों का गंभीर संक्रमण, निमोनिया, बाएं पैर में इंफेक्शन और दिल की धड़कन अनियंत्रित होने जैसी जटिलताएं पाई गईं।
मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए क्रिटिकल केयर, फेफड़े, दिल, किडनी और प्लास्टिक सर्जरी के विशेषज्ञ डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया और मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। 14 जुलाई को हालत में सुधार के बाद उन्हें वेंटिलेटर से हटाकर एनआईवी सपोर्ट पर लिया गया और 20 जुलाई 2026 को पूर्णतः स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया।
इसी तरह 37 वर्षीया अनुराधा सिंह को भी दोनों फेफड़ों में गंभीर संक्रमण, सेप्सिस और मल्टी-ऑर्गन इंवॉल्वमेंट के साथ लाया गया था, जिन्हें बाइपैप सपोर्ट और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज देकर बचा लिया गया।
. आनंद कुमार सिंह (डीएम - क्रिटिकल केयर मेडिसिन): "इमरजेंसी में मरीज की हालत को तुरंत पहचानना, समय पर इलाज शुरू करना और लगातार निगरानी रखना बेहद जरूरी है। डायबिटिक कीटोएसिडोसिस, सेप्टिक शॉक जैसी स्थितियों में शुरुआती समय (गोल्डन आवर) ही जान बचाता है।"
डॉ. आशुतोष तिवारी (डीएनबी, आईडीसीसीएम): "क्रिटिकल केयर में बिना समय गंवाए इलाज शुरू करना जरूरी है। इंफेक्शन का सही इलाज और अलग-अलग विशेषज्ञों की संयुक्त देखरेख से गंभीर स्थिति में भी बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।"
संदीप शर्मा (वाइस प्रेसिडेंट-ऑपरेशंस, रीजेंसी हॉस्पिटल): "पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को सही समय पर एक्सपर्ट ट्रीटमेंट उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। रीजेंसी हॉस्पिटल में 24×7 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उपलब्ध है ताकि पूर्वांचल के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।"
अस्पताल की क्रिटिकल केयर टीम में डॉ. आनंद कुमार सिंह, डॉ. आशुतोष तिवारी, डॉ. तितिक्षा सहाय, डॉ. कृतिका शर्मा, डॉ. मनीष कुमार सिंह और डॉ. सौम्या श्रीवास्तव जैसे अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं।
चिकित्सकों की सलाह: डॉक्टरों के अनुसार, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, लगातार उल्टी, कमजोरी, ब्लड प्रेशर गिरना या गंभीर इंफेक्शन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी क्रिटिकल केयर सेंटर पहुंचें।
