बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : दूसरे चरण की वोटिंग जारी, 122 सीटों पर 1302 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद होगी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। आज रविवार को दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग जारी है। इस चरण में कुल 122 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, जहां 1302 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इन प्रत्याशियों में 119 महिलाएं भी शामिल हैं। सुबह से ही मतदाता उत्साहपूर्वक मतदान केंद्रों की ओर बढ़ रहे हैं।
सुबह से ही उमड़ा मतदाताओं का जनसैलाब
राज्य के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सभी इलाकों में वोटिंग का जोश साफ दिखाई दे रहा है। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई जिलों में महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में मतदान के लिए पहुंचे हैं। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में विशेष उत्साह नजर आ रहा है।
बेतिया, रक्सौल, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीवान, गोपालगंज, सारण, भागलपुर, बांका, मुंगेर, नवादा, औरंगाबाद, कैमूर और भोजपुर जैसे जिलों में पोलिंग बूथों पर सुबह 7 बजे से ही मतदाताओं की लंबी लाइनें लग गईं।
कुल 122 सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय
इस चरण की 122 सीटों में सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है, वहीं जन सुराज पार्टी, आप, बहुजन समाज पार्टी, और कई निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
भाजपा और जदयू ने इस चरण में अपने गढ़ को बनाए रखने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।
वहीं राजद-कांग्रेस गठबंधन महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंचा है।
जन सुराज पार्टी के पंकज चौधरी, संजय झा और कपिलदेव प्रसाद जैसे उम्मीदवार तीसरे मोर्चे के रूप में नई चुनौती पेश कर रहे हैं।
सुरक्षा के सख्त इंतजाम
राज्य में शांति और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए अर्धसैनिक बलों की 700 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
चुनाव आयोग ने सीसीटीवी निगरानी, लाइव वेबकास्टिंग, ड्रोन निगरानी और फ्लाइंग स्क्वाड की तैनाती की है। सीमा से सटे जिलों जैसे पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी और कटिहार में विशेष चौकसी बरती जा रही है ताकि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि न हो सके।
मतदान प्रतिशत में तेजी
सुबह 9 बजे तक लगभग 17 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो दोपहर तक बढ़कर 41 प्रतिशत पहुंच गया। मौसम साफ रहने के कारण दोपहर के बाद मतदान में और तेजी आने की संभावना है। पिछले चरण की तुलना में इस बार मतदाताओं का उत्साह अधिक देखने को मिल रहा है।
महिलाएं और युवा बने लोकतंत्र के प्रहरी
बिहार चुनाव की विशेषता इस बार भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही है। कई मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें पुरुषों से ज्यादा देखी गईं। नवादा जिले की गृहिणी कविता देवी ने कहा, “हम अपने बच्चों के भविष्य के लिए वोट दे रहे हैं। इस बार बदलाव जरूरी है।”
वहीं पटना के एक कॉलेज छात्र अभिनव कुमार ने कहा, “हम बेरोजगारी से परेशान हैं। जो भी सरकार युवाओं को रोजगार देगी, वही हमारी पसंद होगी।”
स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित चुनाव
इस चरण की सीटों पर मुख्य मुद्दे हैं —
बेरोजगारी और पलायन
कृषि संकट और न्यूनतम समर्थन मूल्य
स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति
अपराध और कानून-व्यवस्था
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण
विपक्ष जहां सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगा रहा है, वहीं एनडीए विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं की उपलब्धियों को सामने रखकर वोट मांग रहा है।
नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर
इस चरण में कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है।
राजद के तेज प्रताप यादव,
जदयू के अशोक चौधरी,
भाजपा के नंदकिशोर यादव,
कांग्रेस की मदन मोहन झा,
जन सुराज के पंकज चौधरी जैसे चेहरे इस चरण में मैदान में हैं।
चुनाव आयोग की अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान अवश्य करें। आयोग ने कहा है कि मतदान प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया गया है। हर बूथ पर मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों की पर्याप्त संख्या में तैनाती है।
निष्कर्ष
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का यह दूसरा और अंतिम चरण राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा। 122 सीटों पर हो रही इस वोटिंग के नतीजे ही यह स्पष्ट करेंगे कि बिहार किस ओर जाएगा — विकास की निरंतरता या परिवर्तन के नए रास्ते पर।
जनता के उत्साह और सहभागिता ने यह साबित कर दिया है कि बिहार का मतदाता अब अधिक सजग, जागरूक और परिवर्तन के लिए तैयार है।
