बिहार विधानसभा चुनाव 2025 LIVE अपडेट: बांका में मतदान को लेकर उत्साह चरम पर, बूथों पर उमड़ी मतदाताओं की भीड़ — लोकतंत्र के पर्व में हर वर्ग की भागीदारी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग जारी है, और इसी के साथ बांका जिला लोकतंत्र के इस पर्व का जीवंत उदाहरण बन गया है। सुबह से ही यहां मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मतदाता लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। चाहे गांव हो या शहर, हर जगह लोगों में मतदान को लेकर उत्साह का माहौल है।
सुबह से ही केंद्रों पर पहुंचने लगे मतदाता
सुबह 7 बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ, बांका के विभिन्न बूथों पर मतदाता कतारों में नजर आने लगे।
बांका विधानसभा क्षेत्र, कटोरिया, अमरपुर, धोरैया, बेलहर, और शंभुगंज में मतदान केंद्रों के बाहर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की लंबी कतारें लग गईं।
कई जगहों पर मतदाताओं ने मतदान से पहले राष्ट्रगान गाकर दिन की शुरुआत की।
शंभुगंज प्रखंड के मध्य विद्यालय बूथ संख्या 112 पर 80 वर्षीय रघुनाथ यादव ने सबसे पहले वोट डालकर युवाओं को संदेश दिया —
“लोकतंत्र को मजबूत रखना है तो हर किसी को घर से निकलकर वोट देना ही होगा।”
वहीं कटोरिया की गायत्री देवी अपने पति और बहू के साथ मतदान करने पहुंचीं। उन्होंने कहा, “हमारी उम्मीदें अब विकास से हैं, इसलिए वोट देना जरूरी है।”
भीड़ बढ़ने पर प्रशासन ने बढ़ाई व्यवस्था
जैसे-जैसे दिन चढ़ा, भीड़ में और तेजी आई। कुछ केंद्रों पर भीषण गर्मी और लंबी कतारों के बावजूद मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
बांका जिला प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और सेक्शन 144 लागू कर रखा है ताकि मतदान केंद्रों पर शांति बनी रहे।
जिलाधिकारी अभिषेक चौधरी और एसपी सत्य प्रकाश शर्मा खुद कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
डीएम ने कहा —
“सभी बूथों पर मतदान शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से चल रहा है। हम प्रत्येक मतदाता को सुरक्षित वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
महिला मतदाताओं की भागीदारी उल्लेखनीय
इस बार बांका जिले में महिला मतदाताओं की भागीदारी विशेष रूप से उत्साहजनक है।
कटोरिया, अमरपुर, और बेलहर में कई बूथों पर महिलाओं की लाइन पुरुषों से लंबी दिखी।
कटोरिया की निवासी पुष्पा कुमारी ने कहा, “महिलाएं अब समझती हैं कि वोट सिर्फ एक अधिकार नहीं, बल्कि अपनी बात कहने का सबसे बड़ा जरिया है।”
वहीं अमरपुर के प्रखंड कार्यालय बूथ पर पहली बार वोट डालने आई 19 वर्षीय नीलम देवी ने कहा, “हम रोजगार और शिक्षा पर वोट कर रहे हैं। अब सिर्फ वादे नहीं, काम चाहिए।”
युवाओं में भी जोश
इस बार के चुनाव में युवाओं की भूमिका काफी अहम है।
बांका जिले में लगभग 1.5 लाख से अधिक युवा मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं।
कई कॉलेजों और स्कूलों में युवाओं ने पहले ही “मेरा वोट – मेरा अधिकार” अभियान चलाया था।
शहर के डिग्री कॉलेज के छात्र सौरभ झा ने कहा, “हम बदलाव चाहते हैं। बांका को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार का केंद्र बनाना होगा। वोट डालकर हम उसी दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।”
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बांका जिला प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए अर्धसैनिक बलों की 36 कंपनियां तैनात की हैं।
प्रत्येक मतदान केंद्र पर पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद हैं।
सभी संवेदनशील बूथों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
महिला पुलिस कर्मियों को महिला बूथों पर विशेष रूप से तैनात किया गया है।
मतदान केंद्रों पर हेल्प डेस्क, व्हीलचेयर, और पीने के पानी की व्यवस्था की गई है।
एसपी ने बताया कि “अब तक बांका जिले में किसी भी बूथ से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण है।”
स्थानीय मुद्दों पर आधारित वोटिंग
बांका के मतदाता इस बार मुद्दों के आधार पर वोट कर रहे हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान यहां सड़क निर्माण, कृषि संकट, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, पेयजल आपूर्ति, और युवाओं के पलायन जैसे मुद्दे छाए रहे।
अमरपुर के किसान मोहन मंडल ने कहा, “हम चाहते हैं कि जो नेता जीते, वह सिंचाई और किसानों की समस्या हल करे। वोट देना हमारा अधिकार ही नहीं, अब ज़रूरत बन गया है।”
बांका की शिक्षिका ममता देवी ने कहा, “हम अपने बच्चों के भविष्य के लिए वोट दे रहे हैं। अबकी बार हमें विकास चाहिए, न कि वादों की बारिश।”
राजनीतिक समीकरण और प्रमुख प्रत्याशी
बांका जिले की पांच विधानसभा सीटों पर इस चरण में मतदान हो रहा है।
इनमें प्रमुख मुकाबले इस प्रकार हैं:
बांका विधानसभा:
जयप्रकाश नारायण यादव (राजद)
सत्येंद्र सिंह (भाजपा)
अमरजीत ठाकुर (जन सुराज पार्टी)
कटोरिया (आरक्षित सीट):
प्रमोद मंडल (जदयू)
मनोज हेंब्रम (राजद)
धोरैया:
विजय प्रसाद यादव (कांग्रेस)
अरुण साह (भाजपा)
अमरपुर:
चंदन सिंह (लोजपा रामविलास)
राकेश झा (राजद)
बेलहर:
रामदेव यादव (राजद)
प्रदीप कुमार (भाजपा)
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि बांका का वोटर जातीय समीकरणों के साथ-साथ अब विकास और रोजगार जैसे वास्तविक मुद्दों पर भी विचार कर रहा है।
मतदान प्रतिशत में लगातार वृद्धि
सुबह 9 बजे तक बांका जिले में 19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
दोपहर 12 बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया।
2 बजे तक लगभग 52 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे।
प्रशासन को उम्मीद है कि शाम तक यह आंकड़ा 65 प्रतिशत से अधिक पहुंच सकता है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार —
“बांका के मतदाताओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान जारी है।”
जनता की प्रतिक्रिया और लोकतांत्रिक माहौल
बांका शहर और ग्रामीण इलाकों में आज का दिन पूरी तरह लोकतंत्र के नाम रहा।
लोग एक-दूसरे को वोट डालने की प्रेरणा दे रहे थे।
कुछ जगहों पर स्कूलों के शिक्षक और सामाजिक संगठन मतदाताओं को बूथ तक पहुंचने में मदद कर रहे थे।
शंभुगंज की बुजुर्ग मतदाता फूलो देवी (78 वर्ष) ने कहा, “जब तक सांस है, वोट देना नहीं छोड़ेंगे। यही हमारी ताकत है।”
वहीं युवा मतदाता विवेक कुमार ने कहा, “आज का वोट कल के बिहार को तय करेगा।”
निष्कर्ष
बांका जिले का यह मतदान दिवस इस बात का प्रतीक है कि बिहार का मतदाता अब पहले से कहीं अधिक जागरूक, जिम्मेदार और परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्ध है।
लोग केवल नेता नहीं चुन रहे, बल्कि अपने भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं।
भीषण गर्मी, लंबी कतारें और इंतजार — इन सबके बावजूद मतदाताओं के चेहरों पर एक ही भाव है — “वोट देना गर्व की बात है।”
बांका आज यह संदेश दे रहा है कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति जनता में निहित है, और जब जनता जागरूक होती है, तो लोकतंत्र और भी मजबूत हो जाता है।
