डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ का संकल्प:
“प्रदेश के हर गांव, हर बस्ती और हर व्यक्ति तक पहुँचाएंगे संविधान का संदेश”
संविधान दिवस के अवसर पर डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ ने प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान की घोषणा की है। महासंघ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि संविधान केवल देश का सर्वोच्च विधिक दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और स्वतंत्रता का आधार है। ऐसी परिस्थितियों में जब संवैधानिक मूल्य चुनौतियों का सामना कर रहे हों, तब जनता को जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि महासंघ ने यह संकल्प लिया है कि प्रदेश के हर गांव, हर गांव की हर बस्ती और हर बस्ती के हर व्यक्ति तक संविधान का वास्तविक संदेश पहुँचाया जाएगा। इसके तहत संगठन द्वारा संविधान पाठ, विचार गोष्ठी, जनसंवाद, युवा–जागरूकता कार्यक्रम और अधिकार–शिक्षा शिविरों का व्यापक आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों दोनों को समझेंगे। इसी उद्देश्य से गांव–गांव में टीमों का गठन किया जा रहा है, जो लोगों को संविधान की मूल भावना—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—के बारे में सरल भाषा में जागरूक करेंगी।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का दिया हुआ संविधान देश की आत्मा है, और इसकी रक्षा केवल सरकारों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महासंघ का मिशन किसी दल या व्यक्ति के विरोध का नहीं, बल्कि संवैधानिक चेतना को मजबूत बनाने का है।
अंत में उन्होंने अपील की कि समाज का हर वर्ग इस जन-जागरण अभियान का हिस्सा बने और संविधानिक मूल्यों की रक्षा में योगदान दे।

