कन्नौज में बाल श्रम व बाल विवाह रोकथाम अभियान, दो बच्चे छुड़ाए गए
रिपोर्ट – दीप सिंह, कन्नौज
कन्नौज। शासन के निर्देशानुसार गुरुवार को जिले में बाल श्रम और बाल विवाह रोकथाम को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता एवं रेस्क्यू अभियान संचालित किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य नाबालिग बच्चों को जोखिमपूर्ण कार्यों और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं से सुरक्षित करना तथा समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाना था।
अभियान के तहत थाना कोतवाली क्षेत्र के मानीमऊ चौराहा, ठठिया रोड, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ईंट-भट्ठों, वाईपास मार्ग और हाईवे के होटलों में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दुकानदारों, होटल संचालकों और अन्य सेवायोजकों से बातचीत की तथा बाल श्रम निषेध एवं बाल विवाह रोकथाम से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। टीम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराना कानूनी अपराध है और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान उनि प्रमोद कुमार तिवारी, प्रभारी AHTU, अपनी टीम के साथ सक्रिय रहे। श्रम प्रवर्तन अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव तथा चाइल्ड लाइन प्रभारी तौसीफ भी संयुक्त रूप से अभियान में शामिल हुए। चाइल्ड लाइन टीम ने स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए बताया कि किसी भी स्थान पर बच्चों का शोषण, मजबूरी में काम कराए जाने या बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना देना बेहद जरूरी है, ताकि समय रहते बच्चों को बचाया जा सके।
विशेष अभियान के दौरान टीम ने लगातार निरीक्षण करते हुए दो नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया। इन बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेजने के बाद श्रम विभाग द्वारा सेवायोजकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में शासन की नीति बिल्कुल शून्य सहिष्णुता वाली है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को बाल श्रम कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जनजागरूकता के क्रम में लोगों को शासन द्वारा जारी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने 1090, 1098, 108, 112, 1076 और 181 नंबरों का उपयोग करने की सलाह दी, ताकि बाल शोषण, उत्पीड़न, हिंसा, दुर्घटना या किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके।
अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि जिले में बाल संरक्षण और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि कोई भी बच्चा शोषण या मजबूरी की स्थिति में न रह पाए। उन्होंने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की और कहा कि समाज की सहभागिता से ही बाल श्रम और बाल विवाह जैसी समस्याओं पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है।
अभियान में शामिल सभी विभागों की संयुक्त कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने सराहा और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस प्रकार की पहलें जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत करेंगी।

