उत्तर प्रदेश में जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंचों से भ्रष्टाचार पर “जीरो टॉलरेंस” का दावा करते हैं, वहीं जनपद सीतापुर के तहसील सिधौली क्षेत्र अंतर्गत विकास खण्ड कसमण्डा में उसकी सच्चाई कुछ और ही बयां करती नजर आ रही है।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले कसमण्डा ब्लॉक में कथित घोटालों को उजागर करने वाले किसान नेता अनिकेत सिंह को कमलापुर पुलिस ने उनके ही आवास पर नजरबंद कर दिया। आरोप है कि अनिकेत सिंह मुख्यमंत्री के समक्ष मनरेगा, निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं में हुए भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजी सबूत प्रस्तुत करने वाले थे।
तड़के भारी पुलिस बल भेजकर एक किसान नेता को घर में कैद करना कोई सामान्य एहतियात नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि भ्रष्ट अफसरों और ठेकेदारों की ढाल बनकर खड़ा है।
सवाल सीधा है—
अगर कसमण्डा ब्लॉक में सब कुछ पारदर्शी और निष्पक्ष है, तो फिर सच बोलन
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