मोतीपुर बहराइच - तहसील मुख्यालय मिहींपुरवा स्थित जामा मस्जिद में माह-ए-रमजान के अवसर पर तरावीह की नमाज का सिलसिला पूरे अनुशासन और अकीदत के साथ जारी है। 6 रमजान की रात कुरान शरीफ के 30 पारे मुकम्मल किए गए जिसके बाद मुल्क में अमन-चैन आपसी भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।
तरावीह की नमाज हाफिज असलम साहब निवासी गुरगुट्टा नानपारा द्वारा पढ़ाई जा रही है। उनकी क़िरअत को सुनने के लिए बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिद पहुंचे। जामा मस्जिद के मुतवल्ली हाजी असलम और हाजी सईद के इंतेजाम में तरावीह की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
कुरान मुकम्मल होने की रात ‘खत्म-ए-कुरान’ के अवसर पर मस्जिद में विशेष दुआ का आयोजन हुआ जिसमें क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। नमाज के बाद फातिहा और दुआख्वानी की गई तथा मुल्क में अमन-चैन भाईचारे और खुशहाली के लिए हाथ उठाकर दुआ मांगी गई।
धार्मिक विद्वानों ने बताया कि रमजान का महीना इबादत सब्र और रहमत का महीना माना जाता है। इस दौरान मुसलमान रोजा रखकर पांच वक्त की नमाज के साथ रात में तरावीह अदा करते हैं,l जिसमें पूरे महीने में कुरान शरीफ के 30 पारे सुनने और पढ़ने की परंपरा है। कुरान मुकम्मल होने की रात को ‘खत्म-ए-कुरान’ की विशेष अहमियत होती है।
मस्जिद के मुतवल्लियों ने बताया कि रमजान माह के पूरे तीस दिनों तक प्रतिदिन इशा की नमाज के बाद तरावीह अदा कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग दोबारा तरावीह की नमाज अदा करना चाहें वे जामा मस्जिद पहुंचकर नमाज में शामिल हो सकते हैं।
