फर्जी मुकदमों पर सख्ती का शिकंजा, झूठे आरोप लगाने वालों पर गिरेगी कानून की गाज
न्याय के नाम पर साजिश नहीं होगी बर्दाश्त, आदेश की अवहेलना पर पुलिस भी घेरे में
प्रयागराज। फर्जी मुकदमे दर्ज कराने और कराने वालों के खिलाफ अब कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा चौदह जनवरी को दिए गए स्पष्ट निर्देशों में कहा गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा दो सौ पंद्रह (एक) (क) के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। न्यायालय ने साफ शब्दों में संकेत दिया है कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि आदेशों की अवहेलना होती है तो संबंधित पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो सकती है।इसी मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार महासभा की टीम ने बुलंद आवाज उठाई। संगठन के मार्गदर्शक तथा इलाहाबाद जन कल्याण समिति के अध्यक्ष मोहम्मद हंजला ने स्पष्ट किया कि झूठे मुकदमों की प्रवृत्ति लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए घातक है। प्रकरण में पत्रकार अभिनव कुमार के विरुद्ध कुछ महिलाओं द्वारा राज्य महिला आयोग एवं नैनी थाने को गुमराह कर मुकदमा दर्ज कराने का आरोप सामने आया। बताया गया कि थाना अध्यक्ष नैनी ने स्वयं स्वीकार किया कि मामला गलत तरीके से दर्ज हुआ था। कमिश्नर द्वारा साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना के कड़े निर्देश दिए गए तथा सहायक पुलिस आयुक्त करछना को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। मोहम्मद हंजला ने आश्वासन दिया कि झूठा मुकदमा लिखाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पूरी टीम पत्रकार हितों की रक्षा के लिए डटी रहेगी। मुख्य आरोपियों के रूप में किरण सिंह, सुषमा तिवारी, उनकी पुत्री नंदिनी, शांति देवी तथा सपना खरे के नाम सामने आए हैं। इन सभी पर न्यायालय में मामला विचाराधीन रहने तथा सुलह समझौते के बावजूद द्वेषपूर्ण भावना से कार्रवाई कराने का आरोप है। संगठन ने इन कृत्यों की घोर निंदा करते हुए कहा कि सत्य को सामने लाने और कानून का सहयोग करने के लिए गुंजा खरे एवं सुशील खरे का आभार व्यक्त किया जाता है। खोजी पड़ताल में यह प्रश्न भी उठ रहा है कि यदि झूठे मुकदमों की प्रवृत्ति पर समय रहते अंकुश नहीं लगा तो निर्दोष नागरिकों की प्रतिष्ठा और स्वतंत्रता दोनों संकट में पड़ सकती हैं। अब निगाहें निष्पक्ष जांच और ठोस कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

