महमूदाबाद/सीतापुर
परिषदीय शिक्षा जगत में उत्कृष्टता हासिल करने का जज्बा यदि किसी विद्यालय में साकार रूप में देखने को मिलता है, तो वह है संविलयित विद्यालय समनापुर। कभी अपनी पिछली स्थिति के कारण चर्चा में रहने वाला यह विद्यालय आज क्षेत्र में अपनी बदली हुई तस्वीर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मिसाल बन चुका है।
स्थानीय ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के अनुसार, इस विद्यालय की पूर्व स्थिति सामान्य से भी नीचे थी, लेकिन वर्तमान में विद्यालय का कायाकल्प किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। आज विद्यालय का हर कोना—दीवारों से लेकर संपूर्ण परिसर तक—एक सकारात्मक परिवर्तन की गवाही देता नजर आता है।
सूत्रों की मानें तो जब से विद्यालय में प्रधानाचार्य के रूप में शकील अहमद ने कार्यभार संभाला है, तभी से विद्यालय में निरंतर सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई। उनके नेतृत्व, अनुशासन और नवाचारपूर्ण सोच का परिणाम है कि विद्यालय का वातावरण अब आकर्षक, शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक बन गया है।
विद्यालय की साज-सज्जा, स्वच्छता, शिक्षण व्यवस्था और बच्चों की सहभागिता में आए बदलाव ने इसे क्षेत्र के अन्य विद्यालयों से अलग पहचान दिलाई है। खास बात यह है कि जहां कई विद्यालयों की गुणवत्ता ब्लॉक स्तर की योजनाओं और अनुदानों से चमकी है, वहीं समनापुर विद्यालय की प्रगति मुख्यतः प्रधानाचार्य की दूरदर्शी सोच और समर्पण का परिणाम है।
हालांकि, यह भी सच है कि यदि इस विद्यालय पर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की विशेष नजर पड़े तथा अन्य विद्यालयों की तरह पर्याप्त सरकारी अनुदान प्राप्त हो, तो इसका और व्यापक विकास संभव है। ग्रामीणों का मानना है कि थोड़े से सहयोग से यह विद्यालय क्षेत्र ही नहीं, बल्कि जिले में भी एक आदर्श संस्थान बन सकता है।
प्रधानाचार्य शकील अहमद की कार्यशैली न केवल अनुकरणीय है, बल्कि समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी सराहनीय है। न्यायप्रिय, कर्तव्यनिष्ठ और शिक्षा के प्रति समर्पित उनका व्यक्तित्व विद्यालय को निरंतर नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे प्रधानाचार्य की जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है। यदि उनके कार्यों और व्यक्तित्व को शब्दों में पिरोया जाए, तो शायद स्याही भी कम पड़ जाए।
निष्कर्षत संविलयित विद्यालय समनापुर आज यह साबित कर रहा है कि सच्ची लगन, नेतृत्व और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी संस्थान की तस्वीर बदली जा सकती है। यह विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बन रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन चुका है।

