‘बैड टच’ से कपड़े उतरवाने तक का आरोप, डॉक्टर बोले– साजिश; पुलिस सीसीटीवी खंगालने में जुटी
प्रयागराज। संगम नगरी के पॉश इलाके सिविल लाइंस से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने चिकित्सा पेशे की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के चर्चित न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा पर एक चौबीस वर्षीय छात्रा ने इलाज के दौरान छेड़खानी और अनुचित स्पर्श करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कला स्नातक की छात्रा बुधवार की रात करीब साढ़े दस बजे अपने भाई के साथ माइग्रेन की समस्या दिखाने डॉक्टर के क्लिनिक पहुंची थी। आरोप है कि जैसे ही उसका भाई किसी कार्य से बाहर गया, डॉक्टर ने छात्रा को जांच के बहाने केबिन में बुलाया। पीड़िता का दावा है कि डॉक्टर ने चिकित्सकीय प्रक्रिया का हवाला देते हुए पहले उसे मानसिक रूप से दबाव में लिया, फिर जबरन कपड़े उतरवाने की कोशिश की और गलत नीयत से उसे छुआ। छात्रा के विरोध करने पर कथित रूप से माहौल तनावपूर्ण हो गया। जब उसका भाई वापस लौटा, तो क्लिनिक के अंदर की स्थिति सामान्य नहीं थी। बहन की आपबीती सुनते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने बिना देर किए मामला दर्ज कर छात्रा को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेज दिया है। वहीं, आरोपों के घेरे में आए डॉ. कार्तिकेय शर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने केवल नियमित चिकित्सकीय जांच की थी। डॉक्टर ने यह भी दावा किया कि शिकायतकर्ता छात्रा पिछले कुछ समय से मानसिक अवसाद से पीड़ित है और उसका व्यवहार आक्रामक रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले को गंभीरता से लेते हुए क्लिनिक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, साथ ही मौजूद अन्य साक्ष्यों को भी एकत्र किया जा रहा है। जांच अधिकारी का कहना है कि चिकित्सकीय रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह मामला अब केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि क्या इलाज की आड़ में मरीजों की गरिमा और विश्वास से खिलवाड़ किया जा रहा है, या फिर इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी है—जिसका खुलासा अब पुलिस जांच ही करेगी।

