विहिप के नेतृत्व में दिखी जबरदस्त एकजुटता, सुरक्षा में मुस्तैद रहा प्रशासन—हर गली बना भक्ति का दरबार
बारा, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र की बारा तहसील अंतर्गत नीबी बाजार ने गुरुवार को उस ऐतिहासिक पल को जिया, जब पूरा इलाका भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक चेतना के रंग में सराबोर नजर आया। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर यहां ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि हर सड़क, हर चौराहा और हर गली “जय श्रीराम” और “बजरंगबली की जय” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले निकाली गई भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को मानो एक चलती- फिरती धार्मिक धारा में बदल दिया। शोभायात्रा में सजे-धजे रथ, भगवा ध्वजों की लहराती कतारें, ढोल-नगाड़ों की गूंज और श्रद्धालुओं का जोश—हर दृश्य अपने आप में अलौकिक प्रतीत हो रहा था। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, महिलाओं से लेकर बच्चों तक—हर वर्ग की भागीदारी ने इस आयोजन को विराट स्वरूप प्रदान किया। पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मंच से वक्ताओं ने समाज को एकता, भाईचारे और सनातन संस्कृति की मजबूती का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सिर्फ आस्था का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम में विहिप जिला अध्यक्ष नित्यानंद उपाध्याय के नेतृत्व में शिवदत्त मिश्र, रवि तिवारी,शुभम पांडे, मनोज सिंह, राजकुमार, अशोक कुशवाहा, बारा विधायक डॉ. वाचस्पति, बालेंद्र द्विवेदी, प्रदीप पाण्डेय, आदर्श दुबे, अभिषेक पाण्डेय, सानू शुक्ला, विजय शंकर पांडे, वीरेंद्र मिश्रा और दीपक तिवारी सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं की सक्रिय मौजूदगी रही। सुरक्षा के मोर्चे पर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। एसीपी बारा वेदव्यास मिश्रा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसने पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखा। हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई, जिससे श्रद्धालुओं ने बिना किसी बाधा के कार्यक्रम का आनंद लिया। इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ नीबी बाजार की पहचान को नई ऊंचाई दी, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जब आस्था और संगठन एक साथ आते हैं, तो इतिहास बनता है। अंत में श्रद्धालुओं ने सामाजिक सौहार्द, आपसी सहयोग और एकजुटता को बनाए रखने का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम का समापन किया। नीबी की यह हनुमान जयंती सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और सामाजिक शक्ति का जीवंत उदाहरण बन गई।
