पागल कुत्ते के काटने से रेबीज संक्रमित हुई भैंस, मौत:
खजनी गोरखपुर
गोरखपुर में पागल कुत्ते के काटने से एक भैंस रेबीज से संक्रमित हो गई। दो महीनें बाद 17 अप्रैल को भैंस की मौत हो गई। कुत्ते का काटने की जानकारी भैंस की मौत के एक दिन पहले हुई, जब भैंस ने खाना पीना छोड़ दिया। पशुपालक ने पशु चिकित्सक बुलवाएं। तब जाकर इस बात की पुष्टि हुई। इस भैंस के दुध का 30 लोग सेवन कर रहे थे।भैस की मौत होने के बाद उन सभी के अंदर डर बैठ गया। डॉक्टर की सलाह के बाद सभी ने एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगवाया। यह घटना बेसहनी गांव का है।
अभय नाथ ने बताया कि संक्रमित भैंस का दूध उनके परिवार के 15 सदस्य और दूध निकालने वाले ग्वाला संत यादव के घर के 15 सदस्य, कुल 30 लोग इस्तेमाल करते थे। इन सभी लोगों ने उरुवा पीएचसी पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवा लिए हैं। इंजेक्शन लगवाने वालों में जयसिंह मौर्य, जयनाथ मौर्य, विजय नाथ मौर्य, कालिंदी देवी, गुड्डी देवी, संजू देवी, गुड़िया, लाउजरी, महिमा, पूजा, विनीता, छवि, साहिल, अजय, लड्डू, संत यादव, बदामी, सरस्वती, आलोक, कुलमुल, अभिनंदन, कीर्तन, आकर्ष, सर्वेश, चंद्रभान, रामकरण, विजय, कालू, शिवनाथ और विनीता अजय, लड्डू, संत यादव, बदामी, सरस्वती, आलोक, कुलमुल, अभिनंदन, कीर्तन, आकर्ष, सर्वेश, चंद्रभान, रामकरण, विजय, कालू, शिवनाथ और विनीता शामिल हैं।
इस संबंध में उरुवा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जे.पी. तिवारी ने बताया कि ग्रामीणों को रेबीज संक्रमित भैंस का कच्चा दूध पीने से संक्रमण की आशंका के बारे में जागरूक किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूध को गर्म करके या चाय के रूप में पीने से कोई खतरा नहीं है। डॉ. तिवारी ने उन सभी लोगों को इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी है जिन्होंने संक्रमित भैंस का कच्चा दूध पिया था औरअफवाहों से बचने का आग्रह किया

