आमोद कुमार
बांदा। जनपद में एक दर्दनाक प्रकरण ने प्रशासनिक संवेदनशीलता पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, जहाँ 7 मई को हुई एक व्यक्ति की संदिग्ध मृत्यु/हत्या के मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज न होने पर पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनके पिता छेदुवा उर्फ खडक पुत्र भगौता निवासी टोलाकाजी का गांव के ही कुछ लोगों से लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा था। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में भी मारपीट की घटना में उनके पिता के पैर की हड्डी टूट चुकी थी।आरोपों के अनुसार, 06 मई 2026 की शाम हुए विवाद के बाद उन्हें कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद रात्रि में संदिग्ध परिस्थितियों में पिता को घर से ले जाने और फिर उनका शव अगले दिन एक स्थान पर पाए जाने की बात कही गई है।
परिजनों का कहना है कि 07 मई को पोस्टमार्टम होने के बावजूद अभी तक संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जिससे उन्हें न्याय प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता है। प्रार्थना पत्र में कई व्यक्तियों पर संदेह जताते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर विधि अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो।
यह पूरा प्रकरण अब न्याय और जांच की प्रतीक्षा में है, जहाँ परिजन उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कानून जल्द ही अपना निष्पक्ष स्वरूप दिखाएगा।
अब तक
