रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय
“हमारा विधायक कैसा हो,
मनीष भईया जैसा हो…
जनता की है यही पुकार,
मनीष भईया दूसरी बार…”
ऐसे गगनभेदी नारों से जब सिधौली क्षेत्र की गलियां और जनसभाएं गूंज उठती हैं, तो यह केवल राजनीतिक उत्साह नहीं बल्कि जनता के अपार विश्वास और प्रेम का प्रतीक बन जाता है। जनपद सीतापुर की राजनीति में आज दो ऐसे जनप्रतिनिधियों का नाम बड़े सम्मान और विश्वास के साथ लिया जा रहा है, जिन्होंने जनता के सुख-दुख को अपना कर्तव्य मानकर सेवा की नई मिसाल कायम की है।
इनमें पहला नाम है ज्ञान तिवारी, जो 150 विधानसभा क्षेत्र सेउता से विधायक हैं, तथा दूसरा नाम है मनीष रावत, जो 152 विधानसभा क्षेत्र सिधौली का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
दोनों विधायक आज केवल राजनीतिक चेहरे नहीं, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की उम्मीद, विश्वास और संघर्ष की आवाज बन चुके हैं। यही कारण है कि सोशल मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक, दोनों जनप्रतिनिधि लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं।
जनता के बीच रहकर राजनीति को दी नई दिशा
वर्तमान समय में जहां राजनीति को अक्सर केवल मंचीय भाषणों तक सीमित माना जाता है, वहीं ज्ञान तिवारी और मनीष रावत ने जनता के बीच पहुंचकर यह साबित किया है कि जनप्रतिनिधि वही होता है जो कठिन समय में जनता के साथ खड़ा दिखाई दे।
चाहे क्षेत्र की सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याएं हों, या फिर गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं से जुड़े मुद्दे—दोनों विधायक लगातार सक्रिय दिखाई देते हैं। जनता की छोटी से छोटी समस्या को गंभीरता से लेना और प्रशासनिक स्तर पर उसका समाधान कराना इनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता मानी जा रही है।
विकास कार्यों से मजबूत हुआ जनता का भरोसा
सेउता विधानसभा क्षेत्र में विधायक ज्ञान तिवारी द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा गांव-गांव तक पहुंच रही है। क्षेत्र में सड़क निर्माण, संपर्क मार्गों का विस्तार, जनसुविधाओं का विकास और आम जनता से सीधा संवाद उन्हें एक सक्रिय एवं संवेदनशील जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित कर रहा है।
वहीं सिधौली विधानसभा क्षेत्र में विधायक मनीष रावत की लोकप्रियता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। युवाओं, किसानों और गरीब परिवारों के बीच उनकी मजबूत पकड़ और सहज व्यवहार उन्हें जनता का प्रिय बना रहा है। यही वजह है कि क्षेत्र में जगह-जगह “मनीष भईया दूसरी बार” जैसे नारों की गूंज सुनाई दे रही है।
जनता ने निभाया अपना धर्म, अब जनप्रतिनिधि निभा रहे अपना कर्तव्य
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जनता ने विषम परिस्थितियों में अपने विश्वास के साथ इन दोनों नेताओं को जिताकर विधानसभा भेजा था और अब दोनों विधायक भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास कर रहे हैं।
राजनीति में संवेदनशीलता, सक्रियता और जनसंपर्क का जो उदाहरण इन दोनों नेताओं ने प्रस्तुत किया है, वह अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता जा रहा है।
क्षेत्र में बढ़ता जनसमर्थन
जनता का कहना है कि जो नेता चुनाव जीतने के बाद भी लगातार जनता के बीच बना रहे, समस्याओं को सुनें और समाधान के लिए संघर्ष करें, वही सच्चा जनसेवक कहलाने का हकदार होता है। यही कारण है कि ज्ञान तिवारी और मनीष रावत के प्रति लोगों का विश्वास और समर्थन लगातार मजबूत होता जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो दोनों विधायकों की सक्रियता, सहजता और जनता से सीधा जुड़ाव आने वाले समय में उन्हें और अधिक मजबूत जनाधार प्रदान कर सकता है।
जनपद सीतापुर की जनता आज गर्व के साथ कहती दिखाई दे रही है कि ऐसे जनप्रतिनिधि ही लोकतंत्र की वास्तविक ताकत हैं, जो सत्ता नहीं बल्कि सेवा को अपना लक्ष्य मानते हैं।
