बिहार का ललित किशोर खुद को अफसर बताकर करोड़ों का खेल कर रहा था
चार गर्लफ्रेंड भी रखी थीं; अब जेल में 420 गुरु कहलाता है
गोरखपुर रौब, काफिला, गनर और अफसरी का ठाठ... सब नकली निकला। गोरखपुर पुलिस ने ऐसे तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है जो खुद को IAS और IPS अफसर बताकर लोगों पर धौंस जमाते थे। इनका ठाठ देखकर कई बार असली पुलिसकर्मी भी इन्हें सलाम ठोक देते थे।गिरोह का मास्टरमाइंड बिहार निवासी ललित किशोर था। यह खुद को IAS अफसर बताता था और इसी नाम पर करोड़ों रुपए का चूना लगाता था। रुतबा दिखाने के लिए इसके साथ हमेशा गाड़ियों का काफिला चलता था और सुरक्षा में 8 गनर तैनात रहते थे। पुलिस के मुताबिक ललित ने 4 गर्लफ्रेंड भी बना रखी थीं, जिनके सामने वह खुद को टॉप अफसर बताकर इम्प्रेस करता था।
इसकी हेकड़ी का अंदाजा इसी से लगा लीजिए कि एक बार इसने बिहार के एक SDM को भी थप्पड़ जड़ दिया था। SDM ने इसे असली IAS अफसर समझकर इसकी शिकायत तक नहीं की। इसी रौब के दम पर यह बड़े-बड़े अफसरों की पहुंच बताकर ठगी करता था। इसके साथ दो और साथी खुद को IPS बताकर लोगों को डराते-धमकाते थे। गोरखपुर पुलिस को इनकी हरकतों पर शक हुआ तो जांच शुरू की। कागजात और वर्दी की पड़ताल में पूरी पोल खुल गई। पूछताछ में पता चला कि तीनों ने फर्जी आईडी, फर्जी नाम पट्टी और नकली वर्दी से लोगों को ठगा है। गिरफ्तारी के बाद इनकी सारी हेकड़ी निकल गई।
अब ये तीनों जेल में बंद हैं। जेल में हत्या और लूट जैसे संगीन मामलों के कैदी इन्हें मजाक में 420 गुरु कहकर बुलाते हैं। पुलिस का कहना है कि इनके तार और भी राज्यों से जुड़े हो सकते हैं, इसलिए अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
गोरखपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति वर्दी और गाड़ी देखकर प्रभावित न हो। किसी भी सरकारी अधिकारी की पहचान उसके आईडी कार्ड और आधिकारिक आदेश से ही करें। फर्जी अफसर बनकर ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
