गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर समाजसेवी राजन यादव उर्फ अर्थी बाबा ने बधाई देते हुए एक गंभीर मांग सीएम पोर्टल के जरिए रखी है। दिल्ली के एक होटल में फायर सेफ्टी की लापरवाही से हुई मौतों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए यूपी में फायर जांच का तरीका ही बदलना होगा।
अर्थी बाबा ने अपने पत्र में लिखा कि वो जो भी मुद्दा उठाते हैं, योगी सरकार उसे पूरा करती है। चाहे पिपराइच चीनी मिल का पुनर्संचालन हो, एम्स का निर्माण हो, श्मशानघाट पर पक्का घाट बने या फर्टिलाइजर कारखाना हर मांग पर कार्रवाई हुई है। इसी विश्वास के साथ उन्होंने फायर सेफ्टी को लेकर 3 ठोस सुझाव दिए हैं।
फ्लेट, होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल, फैक्ट्री, मॉल-कॉम्प्लेक्स सबकी फायर NOC और मॉक ड्रिल की जांच वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ हो। उनका तर्क है कि रिकॉर्डिंग से रिपोर्ट बाद में बदली नहीं जा सकेगी और पारदर्शिता बनी रहेगी। अर्थी बाबा ने सीधे कहा कि कई होटल, हॉस्पिटल, मॉल बड़े नेताओं या अधिकारियों के हैं या उनके रिश्तेदारों के। इस वजह से फायर विभाग जांच करने से कतराता है। उन्होंने मांग की कि फेल होने वाली किसी भी बिल्डिंग के खिलाफ सील और FIR की कार्रवाई बिना भेदभाव के हो।
बेसमेंट-कॉम्प्लेक्स की स्पेशल ऑडिट*
मॉल और कॉम्प्लेक्स में बने अंडरग्राउंड की सबसे ज्यादा चिंता जताई। कहा कि आग लगने पर वहां से निकलना लगभग नामुमकिन हो जाता है। स्प्रिंकलर, फायर एग्जिट, इमरजेंसी गेट की स्पेशल ऑडिट जरूरी है।
पूरे देश में फायर मानकों की धज्जियां उड़ रही हैं। रोज कोई न कोई घटना हो रही है। अब वक्त आ गया है कि नेताओं-अधिकारियों की प्रॉपर्टी भी कानून से ऊपर न हो,अर्थी बाबा ने कहा।दिल्ली अग्निकांड के बाद उनकी यह मांग एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही और ऊपर से दबाव वाले आरोपों को सामने लाती है। अब देखना होगा कि सीएम ऑफिस इस जन्मदिन वाली मांग को किस रूप में लेता है।
