आमोद कुमार
बांदा, 9 जून। लंबे समय से सूखा, जल संकट और बढ़ती खेती लागत जैसी चुनौतियों से जूझ रहे बुंदेलखंड के किसानों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन से पहले एक महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार द्वारा किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिनीकिट निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा उन्नत एवं संकर बीजों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। इस योजना से विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
खरीफ सीजन की बुआई शुरू होने से पहले कृषि विभाग ने किसानों के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना आवश्यक है। जिन किसानों का पंजीकरण नहीं हुआ है, वे जनसेवा केंद्रों अथवा राजकीय कृषि बीज भंडारों के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।इन फसलों के बीज मिलेंगे मुफ्त
योजना के अंतर्गत किसानों को दलहन, धान, मक्का तथा श्री अन्न (मोटे अनाज) की श्रेणी में आने वाली ज्वार, बाजरा और रागी जैसी फसलों के गुणवत्तायुक्त बीज मिनीकिट 100 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सामान्य और हाइब्रिड बीजों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी।विशेषज्ञों का मानना है कि बुंदेलखंड की जलवायु और कम पानी वाली कृषि भूमि के लिए मोटे अनाज सबसे उपयुक्त फसलें हैं। ऐसे में सरकार द्वारा श्री अन्न को बढ़ावा देने की नीति क्षेत्रीय कृषि को नई दिशा दे सकती है।
ई-लॉटरी से होगा चयन, पारदर्शिता पर जोर
कृषि विभाग ने योजना के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-लॉटरी प्रणाली लागू की है। यदि प्राप्त आवेदन निर्धारित लक्ष्य से अधिक होते हैं तो पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटरीकृत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। इससे किसी प्रकार के पक्षपात या सिफारिश की संभावना कम होगी।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
बुंदेलखंड के अधिकांश किसान सीमित संसाधनों और छोटी जोतों पर खेती करते हैं। बढ़ती लागत, महंगे बीज और अनिश्चित मौसम के कारण खेती लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में मुफ्त बीज और सब्सिडी किसानों की प्रारंभिक लागत कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे किसान बेहतर गुणवत्ता वाले बीजों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकेंगे।
जमीनी स्तर पर असर की होगी असली परीक्षा
योजना की घोषणा से किसानों में उत्साह जरूर है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बीजों का वितरण समय पर और निष्पक्ष तरीके से हो। अतीत में कई योजनाओं में पात्र लाभार्थियों तक समय से लाभ न पहुंचने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसलिए कृषि विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन की होगी।
कृषि विभाग की अपील
कृषि अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले ऑनलाइन बुकिंग अवश्य करा लें और योजना का लाभ उठाएं। विभाग का कहना है कि यह पहल केवल बीज वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कुल मिलाकर, यदि योजना का लाभ सही किसानों तक समय पर पहुंचता है, तो यह खरीफ सीजन में बांदा समेत पूरे बुंदेलखंड के किसानों के लिए राहत और उत्पादन वृद्धि का बड़ा माध्यम साबित हो सकती है।

