किसानों को मिले फसल का मुआवजा, वरना 2027 में दे जवाब – राजेश कुमार सिद्धार्थ
किसान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष बोले – सरकार किसानों को वोट बैंक समझती है, उनके जीवन की नहीं चिंता
सिधौली (सीतापुर)।
विधानसभा क्षेत्र 152 सिधौली के अंतर्गत आयोजित एक विशाल किसान सभा में किसान कांग्रेस उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि किसानों की बदहाली आज शासन की नीतियों की असफलता का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि “भाजपा सरकार केवल भाषण देती है, काम नहीं करती। जब बड़े उद्योगपतियों को हजारों करोड़ की छूट दी जा सकती है, तो किसानों के लिए कुछ लाख रुपये क्यों नहीं?”
सभा में हजारों किसानों की उपस्थिति रही। चारों दिशाओं से आए ग्रामीण, खेतिहर मजदूर, और महिला कृषक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मंच पर क्षेत्र के कई प्रमुख किसान नेता और कांग्रेस कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
फसल बर्बादी पर सरकार मौन — किसानों की आय घटकर आधी
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि हाल में हुई अतिवृष्टि ने किसानों की धान, गन्ना, दलहन और तिलहन की फसलों को बर्बाद कर दिया। खेतों में जलभराव और कीट संक्रमण के कारण उत्पादन में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि “यह सरकार किसानों को केवल वोट बैंक समझती है, लेकिन उनके जीवन की चिंता नहीं करती। किसान की मेहनत पर टिकी अर्थव्यवस्था को इस सरकार ने राजनीतिक हथियार बना दिया है।”
किसानों ने सभा में बताया कि उनके खेतों में पूरी फसल सड़ गई है। बीमा कंपनियां दावा नहीं दे रही हैं, और प्रशासन के अधिकारी केवल कागज़ों में सर्वे कर रहे हैं। किसान अब नयी बुवाई करने की स्थिति में भी नहीं हैं।
“कागज़ी सर्वे नहीं, किसानों के खाते में आए मुआवजा”
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि “सरकार को चाहिए कि वह किसानों के प्रति नैतिक और आर्थिक दोनों जिम्मेदारी निभाए। फसल बर्बादी की भरपाई केवल कागजों में नहीं, किसानों के बैंक खाते में होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि किसान की हालत देखकर प्रशासन को जमीनी स्तर पर जाकर सर्वे करना चाहिए। केवल रिपोर्ट बनाकर भेज देना किसानों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि किसान की मेहनत को राजनीति से जोड़ना इस सरकार का सबसे बड़ा अपराध है। “किसान का दर्द वोटों की गिनती से नहीं, उसकी मिट्टी से समझा जा सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर देश के अन्नदाता की स्थिति सुधारने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है, तो शासन-प्रशासन की नीतियों का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
किसान कांग्रेस तैयार करेगी ‘कृषि घोषणा पत्र’
सभा के दौरान उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी आने वाले चुनावों में किसानों, मजदूरों और युवाओं के मुद्दों को लेकर चुनावी एजेंडा बनाएगी। इसके लिए “कृषि घोषणा पत्र” तैयार किया जा रहा है। इसमें किसानों की मुख्य माँगों को शामिल किया जाएगा —
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी दी जाए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता लाई जाए।
ग्रामीण बैंकिंग प्रणाली को सरल और ब्याज-मुक्त बनाया जाए।
कृषि आधारित उद्योगों को गांव स्तर पर स्थापित करने के लिए विशेष सहायता दी जाए।
भूमिहीन किसानों और कृषि मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा निधि बनाई जाए।
हर ब्लॉक में “किसान सहायता केंद्र” की स्थापना की जाए।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि किसान कांग्रेस गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चलाएगी। फसल नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसे जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
“अब किसान ठगा नहीं जाएगा” — सरकार को दी चेतावनी
सभा के अंत में राजेश कुमार सिद्धार्थ ने तीखे शब्दों में कहा,
“यदि भाजपा सरकार किसानों के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाती, तो 2027 के विधानसभा चुनाव में किसान मुंहतोड़ जवाब देंगे। अब किसान ठगा नहीं जाएगा। जिसने हमारी फसल बर्बादी पर आंख मूंद ली, उसे हम सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएंगे।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, परंतु आज किसानों की आय आधी रह गई है। किसानों को बिजली, खाद, और डीज़ल सब महँगा मिल रहा है। किसान मजदूरी भी नहीं चुका पा रहे हैं, जबकि सरकार केवल कागज़ी योजनाओं का प्रचार कर रही है।
“किसान की मेहनत देश की रीढ़, पर सरकार की प्राथमिकता में सबसे नीचे”
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन उसे योजनाओं के लाभ से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी प्राकृतिक आपदा आती है, तब उद्योगपतियों के लिए राहत पैकेज तुरंत बन जाता है, मगर किसानों के लिए केवल घोषणा होती है।
उन्होंने कहा कि “सरकार की नीतियाँ पूँजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनी हैं, न कि किसानों के जीवन सुधार के लिए।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब उद्योगपतियों के लिए हज़ारों करोड़ का कर्ज़ माफ़ किया जा सकता है, तो किसानों के कुछ लाख रुपये के मुआवजे में इतनी देरी क्यों?
“किसान का दर्द उसकी मिट्टी में है, सत्ता के गलियारों में नहीं”
सभा में उन्होंने भावुक शब्दों में कहा,
“किसान का दर्द वोटों की गिनती से नहीं, उसकी मिट्टी से समझा जा सकता है। जिनके हाथों में छाले हैं, वही देश के लिए अन्न उगाते हैं। लेकिन सरकार ने किसानों को केवल आंकड़ों में बदल दिया है।”
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील नहीं होगी, तब तक गांवों की अर्थव्यवस्था नहीं सुधरेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों के लिए आंदोलन तेज करेगी और किसान पंचायतों का आयोजन हर जिले में किया जाएगा।
किसान संघर्ष समिति का गठन, हर गांव से रिपोर्ट भेजी जाएगी
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि सिधौली विधानसभा से शुरुआत करते हुए किसान कांग्रेस ने किसान संघर्ष समिति गठित की है। यह समिति हर गांव से फसल नुकसान, सरकारी योजनाओं की स्थिति, और किसान समस्याओं की रिपोर्ट तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि नीति-निर्माताओं को जमीनी सच्चाई से अवगत कराना है।
सभा में उठे नारे – “हमारा हक हमें दो”
सभा में किसानों ने कई नारे लगाए –
“किसान विरोधी सरकार नहीं चलेगी!”,
“हमारा हक हमें दो, फसल का मुआवजा दो!”
सभा का माहौल जोशीला और अनुशासित रहा। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि किसान अब चुप नहीं बैठेगा। जब तक उसकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अंत में किसानों से एकजुटता की अपील
कार्यक्रम के समापन पर राजेश कुमार सिद्धार्थ ने किसानों से कहा,
“यह लड़ाई केवल मेरे या किसी दल की नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की है जो मिट्टी से जीवन पाता है। किसान की एकता ही उसका सबसे बड़ा हथियार है।”
उन्होंने कहा कि किसान कांग्रेस आगामी महीनों में “ग्राम-ग्राम संवाद यात्रा” निकालेगी, जिसमें किसानों की समस्याओं को सीधे दिल्ली और लखनऊ तक पहुंचाया जाएगा।
सभा में किसान नेता बृजेश पटेल, अमर सिंह यादव, रामनिवास चौधरी, महिला किसान प्रतिनिधि सावित्री देवी और कई स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समाप्ति — किसानों ने लिया संकल्प
सभा का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित किसानों ने संकल्प लिया कि जब तक उन्हें उनके अधिकार नहीं मिलते, वे संघर्ष जारी रखेंगे। सभी ने एक स्वर में कहा कि आने वाला समय किसान के सम्मान और अधिकार की पुनर्स्थापना का होगा।
– राजेश कुमार सिद्धार्थ
प्रदेश उपाध्यक्ष, किसान कांग्रेस उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ
स्थान: सिधौली, जनपद सीतापुर
