गोरखपुर के सहजनवा से बड़ी खबर:
समाधान दिवस ठप — लेखपालों के प्रदेशव्यापी महाधरने से प्रशासन हिला, आठ सूत्रीय माँगों पर आर-पार की लड़ाई”
सहजनवा, गोरखपुर।
गोरखपुर के सहजनवा तहसील से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर—तहसील समाधान दिवस आज पूरी तरह ठप रहा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रदेशव्यापी महाधरने का प्रभाव इतना व्यापक रहा कि सहजनवा तहसील में भी राजस्व से जुड़े लगभग सभी कामकाज दिनभर ठप पड़े रहे। जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में पहुँची, लेकिन पूरा परिसर आंदोलन की गूँज से थर्राया दिखा।
लेखपाल संघ सहजनवा इकाई के अध्यक्ष रत्नेश मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में दर्जनों लेखपाल सुबह से ही अपने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे रहे। त्रिपाठी ने दो-टूक कहा कि छह वर्ष बीत गए, पर सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है—क्रियान्वयन आज तक शून्य। यही मजबूरी उन्हें समाधान दिवस का बहिष्कार करने पर ले आई।
लेखपालों की आठ सूत्रीय बड़ी मांगें, जिन पर आर-पार का रुख:
1. प्रारंभिक वेतनमान का उच्चीकरण
2. पदोन्नति के अवसर बढ़ाना
3. एसीपी की विसंगतियों को तत्काल खत्म करना
4. भत्तों में तर्कसंगत वृद्धि
5. पदनाम परिवर्तन
6. अंतर मंडलीय स्थानांतरण की सुविधा
7. पेंशन विसंगतियों का समाधान
8. तहसील में राजस्व सहायक व राजस्व पुलिस चौकी की स्थापना
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि लगातार ज्ञापन, बार-बार याद दिलाने के बावजूद समस्याएँ फाइलों में ही दम तोड़ रही हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि माँगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को अगले चरण में और कठोर रूप दिया जाएगा।
धरने का असर दिनभर सहजनवा तहसील में स्पष्ट दिखा।
राजस्व कार्य ठप आवेदक भटके समाधान दिवस बेअसर।
कई फरियादी बिना निस्तारण के मायूस लौट गए।
लेखपाल संघ का यह प्रदेशव्यापी आंदोलन अब सरकार के लिए बड़ा दबाव बन चुका है, और कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द कोई ठोस निर्णय ले, अन्यथा संघर्ष तेज किया जाएगा। इस मौके पर अरविंद कुमार वरिष्ठ उपाध्यक्ष ,संगीता चौधरी कनिष्ठ उपाध्यक्ष, वरुण कुमार सिंह मंत्री मनीषा मौर्य, शिवम मौर्य ,पवन यादव , वरुण कुमार सिंह मंत्री, जितेंद्र कुमार मिश्रा, सुजीत द्विवेदी ,सौम्य श्रीवास्तव, संगीता चौधरी ,अरविंद झा आदि समस्त लेखपाल संघ उपस्थित रहा।
