फैक्ट्री संचालक की जमीन पर दबंगों का कब्जे का प्रयास
संचालक ने दबंगों पर अवैध कब्जे और धमकी देने का आरोप लगाया**
कानपुर देहात। थाना रनिया क्षेत्र के विषायकपुर चौराहा स्थित सीएनजी पेट्रोल पंप के पास बंद पड़ी पुरानी पेपर मील की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। फैक्ट्री के मालिक लक्ष्मी कांत अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि वह शुक्रवार की सुबह अपनी भूमि पर सफाई और मरम्मत का कार्य कराने पहुंचे थे, तभी क्षेत्र के कुछ दबंग अपने दर्जनों साथियों के साथ मौके पर आ धमके और काम रुकवाने का प्रयास करने लगे।
अग्रवाल के अनुसार, दबंगों ने न केवल गुंडई करते हुए मजदूरों को धमकाया बल्कि उन्हें जमीन पर किसी भी प्रकार के निर्माण या सफाई कार्य से रोका। उन्होंने बताया कि यह जमीन लंबे समय से उनकी निजी संपत्ति है और पेपर मील बंद होने के बाद वे समय-समय पर इसकी देखरेख करते रहते हैं।
सूचना मिलते ही 112 पीआरवी मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने स्थल का निरीक्षण किया और बताया कि फैक्ट्री संचालक अपनी भूमि की नियमित साफ-सफाई करवा रहे थे, लेकिन विपक्षी पक्ष ने बलपूर्वक हस्तक्षेप करके कार्य रुकवाया। पुलिस के अनुसार, दबंगों की यह हरकत अनुचित और अवैध थी। पीआरवी टीम ने तत्काल इस मामले की जानकारी थाना रनिया पुलिस को दी, हालांकि मौके पर स्थिति सामान्य बनी रही।
जानकारी के अनुसार, पेपर मील की यह जमीन लगभग 58 बीघा है, जिसपर कुछ स्थानीय व्यक्तियों द्वारा लंबे समय से कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। फैक्ट्री संचालक का कहना है कि भूमि विवाद को लेकर उन्होंने पूर्व में भी न्यायालय में वाद दायर किया था, जिसमें माननीय न्यायालय ने उनका पक्ष सही मानते हुए निर्णय सुरक्षित किया था। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जमीन पर अपना दावा जताते हुए बार-बार दखलअंदाजी कर रहा है।
अग्रवाल ने बताया कि दबंगों की लगातार बढ़ती हरकतों से परेशान होकर उन्होंने जनपद कानपुर देहात के वरिष्ठ अधिकारियों को भी लिखित शिकायतें भेजकर न्याय की मांग की थी। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विपक्षी पक्ष अपने इरादों से पीछे नहीं हट रहा और लगातार जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है।
फैक्ट्री संचालक ने आरोप लगाया कि दबंगों का मकसद उनकी निजी संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर उसे अपने नियंत्रण में लेना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करता, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। अग्रवाल ने अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह जमीन कई वर्षों से विवाद का कारण बनी हुई है। परंतु अदालत के आदेश और दस्तावेजों के आधार पर जमीन का स्वामित्व फैक्ट्री संचालक के पक्ष में साफ-साफ दर्ज है। इसके बावजूद दबंगों द्वारा आए दिन उत्पात मचाकर विवाद को बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है और दोनों पक्षों के दस्तावेज व शिकायतों की जांच की जा रही है। थाना रनिया पुलिस के अनुसार, यदि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री संचालक ने प्रशासन से अपील की है कि वे उन्हें न्याय दिलाने के साथ-साथ ऐसे दबंगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति कानून को हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके।

