भूमाफियाओं के खिलाफ व्यापारी आए सामने, तिरंगा महाराज से लगाई न्याय की गुहार
शारीरिक, आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप; जीवन पर खतरे की आशंका
लखनऊ, बीकेटी
तहसील बीकेटी (लखनऊ) क्षेत्र में भू-माफियाओं और राजस्व अधिकारियों की कथित सांठगांठ का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। स्थानीय व्यापारी और किसान लगातार आरोप लगा रहे हैं कि उनकी जमीनों पर अवैध कब्जा, जबरन बिक्री और दबाव बनाकर औने-पौने दामों में भूमि खरीद-फरोख्त का कारोबार खुलेआम चल रहा है।
कई पीड़ितों का कहना है कि भू-माफिया गिरोह न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुँचा रहे हैं, बल्कि उन पर शारीरिक और मानसिक दबाव भी डाला जा रहा है। पीड़ित व्यापारियों ने बताया कि लगातार धमकियों के कारण उनका परिवार भय और असुरक्षा में जीने को मजबूर है। इसी क्रम में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तिरंगा महाराज से मिला और पूरी घटना की शिकायत करते हुए न्याय दिलाने की अपील की।
पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व तंत्र के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से जमीनों पर कब्जे और फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए ट्रांसफर की प्रक्रिया को संरक्षण मिलता है। आरोप है कि कई किसानों की जमीन बिना सहमति के हड़प ली गई या अत्यधिक दबाव डालकर उनसे बेहद कम कीमत पर खरीद ली गई।
इस बीच, बीकेटी विधानसभा क्षेत्र में एक सफेदपोश नेता का नाम भी इस पूरे प्रकरण में सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए ताकि भ्रष्टाचार और अवैध कब्जों पर रोक लग सके।
पीड़ित व्यापारी और किसान प्रशासन से यह भी मांग कर रहे हैं कि उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, क्योंकि लगातार बढ़ते खतरे के कारण उनका जीवन असुरक्षित महसूस हो रहा है।
