भारतीय किसान मजदूर यूनियन (अराजनैतिक) ने तहसील समाधान दिवस पर सौंपा ज्ञापन
कायमगंज/फर्रुखाबाद, 15 नवम्बर 2025
तहसील समाधान दिवस के अवसर पर आज भारतीय किसान मजदूर यूनियन (अराजनैतिक) ने किसानों की समस्याओं और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण पंचायत का आयोजन किया। यह पंचायत तहसील परिसर, कायमगंज में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता यूनियन के तहसील अध्यक्ष बाबूराम पाल ने की, जबकि संचालन प्रेमचंद्र सक्सेना ने किया।
दूर-दराज क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी-अपनी समस्याओं को सामने रखा। लगभग दो घंटे चली इस पंचायत में किसानों की आवाज को एकजुट कर प्रशासन को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
किसानों ने उठाए गंभीर मुद्दे
पंचायत के दौरान किसानों ने बताया कि राजस्व, सिंचाई, बिजली, खाद वितरण, बैंकिंग अनियमितताओं से लेकर सड़क व्यवस्था तक कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, परन्तु समाधान नहीं मिल रहा। किसानों का कहना था कि लगातार शिकायतों के बावजूद अधिकारी और विभाग लापरवाह रवैया अपना रहे हैं।
नीचे दिए गए मुख्य बिंदुओं के साथ ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा गया—
1. अंश निर्धारण में लगातार गलतियाँ — दोषी लेखपालों पर कार्रवाई की मांग
किसानों ने बताया कि खेतों के अंश निर्धारण में लेखपालों द्वारा बार-बार गलत प्रविष्टियाँ की जा रही हैं। कई शिकायतों के बावजूद इनका सुधार समय पर नहीं हो रहा।
यूनियन ने मांग रखी कि ऐसे लेखपालों को तत्काल पद से हटाया जाए और किसानों की भूमि संबंधित त्रुटियों का स्थायी समाधान किया जाए।
2. नहरों में महीनों से पानी बंद — सिंचाई संकट गहराया
किसानों ने कहा कि क्षेत्र की नहरों में लंबे समय से पानी नहीं छोड़ा गया है, जिसके कारण फसलों की सिंचाई संकट में है।
यूनियन ने माँग की कि नहरों में तत्काल पानी छोड़ा जाए और टेल तक सुचारू प्रवाह सुनिश्चित किया जाए, ताकि रबी सीजन की फसलें न खराब हों।
3. ग्रामीण बिजली कनेक्शन फ्री करने तथा कटौती रोके जाने की मांग
बैठक में बिजली की अनियमित कटौती को लेकर भी किसान आक्रोश व्यक्त कर रहे थे।
यूनियन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू बिजली कनेक्शन निःशुल्क किए जाएँ तथा अघोषित कटौती तुरंत रोकी जाए।
4. अधिक बिल आने वाले उपभोक्ताओं के खराब मीटर बदले जाएँ
किसानों ने शिकायत की कि कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल वास्तविक खपत से कई गुना अधिक आ रहा है।
मांग की गई कि जिन उपभोक्ताओं को अधिक बिल मिल रहा है उनके खराब मीटर तुरंत बदले जाएँ।
5. खाद की काला बाज़ारी रोकने के लिए छापेमारी की मांग
यूनियन ने बताया कि क्षेत्र के कई खाद दुकानदार एम.आर.पी. से अधिक कीमत पर खाद बेच रहे हैं और किसानों को मजबूर कर रहे हैं।
मांग की गई कि खाद दुकानों पर गुप्त छापेमारी कर अधिक मूल्य वसूलने वाले दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त किए जाएँ।
6. कोऑपरेटिव बैंक बराभिक समिति पर अनियमितता का आरोप
किसानों ने बताया कि समिति क्षेत्र में बैंकिंग प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं।
जमा–निकासी संबंधी दस्तावेज किसानों को उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।
यूनियन ने मांग की कि किसानों को तुरंत कागजात उपलब्ध कराए जाएं और पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।
7. बाढ़ व बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की मांग
किसानों ने बताया कि बाढ़ और बारिश के कारण कई मुख्य मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं, विशेषकर शमशाबाद–कायमगंज मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
यूनियन ने मांग की कि इन सड़कों का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए।
यूनियन ने चेताया: यदि समस्याएं न सुनी गईं तो होगा आंदोलन
अध्यक्ष बाबूराम पाल ने कहा कि किसान कई महीनों से प्रशासन से समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने साफ कहा कि यदि विभाग जल्द समाधान नहीं करता तो यूनियन बड़े आंदोलन की तैयारी करेगी।
संचालनकर्ता प्रेमचंद्र सक्सेना ने कहा कि किसानों की आवाज ही यूनियन की ताकत है और हम किसी भी कीमत पर किसानों के हक से समझौता नहीं होने देंगे।

