दिल्ली धमाके और फरीदाबाद में भारी विस्फोटक बरामद होने के बाद शहर में आतंकी नेटवर्क की तलाश तेज
तीन एनजीओ के खातों में संदिग्ध लेन-देन, डा. शाहीन से संभावित कनेक्शन की जांच
दिल्ली में धमाके और फरीदाबाद में बड़े पैमाने पर विस्फोटक बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। एजेंसियों को आशंका है कि शहर में आतंकी नेटवर्क की जड़ें इससे कहीं गहरी हो सकती हैं। इसी कड़ी में एजेंसियां आतंकी संगठन से जुड़े लोगों की गतिविधियों के साथ उनकी फंडिंग के स्रोत तलाश रही हैं।
जांच के दौरान एजेंसियों को शहर के संवेदनशील इलाकों की घनी बस्तियों में सक्रिय तीन एनजीओ के बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन के सुराग मिले हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इन खातों के तार जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की पूर्व प्रवक्ता रहीं डा. शाहीन से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
रायपुरवा की युवती से पूछताछ
एनजीओ से जुड़ी श्रृंखला की जानकारी जुटाने के लिए जांच टीम ने रायपुरवा इलाके से एक युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ कई घंटों तक चली, लेकिन ठोस साक्ष्य न मिलने पर देर रात उसे छोड़ दिया गया। एजेंसियों का कहना है कि उससे मिले इनपुट अन्य सुरागों से मिलाए जा रहे हैं।
विदेशी फंडिंग पर गहराया शक
डा. शाहीन और डा. आरिफ के नाम सामने आने के बाद शहर में गतिविधियों की निगरानी और तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियों को इन तीनों संदिग्ध एनजीओ के बैंक खातों में कई बार विदेशी स्रोतों से प्राप्त रकम का सुराग मिला है। लेन-देन का पैटर्न देखने पर कई ट्रांजेक्शन असामान्य पाए गए हैं।
इसी को आधार बनाकर एजेंसियां अब निम्न बिंदुओं पर विस्तृत जांच कर रही हैं:
एनजीओ के दस्तावेजों की वैधता
बैंक खातों की पूरी स्टेटमेंट
विदेश से आने वाली रकम का स्रोत
एनजीओ में काम करने वालों के आधार, पासपोर्ट और पहचान पत्र
किस खाते से किस खाते में रकम भेजी गई, इसका पूरा डेटाबेस
एजेंसियां आशंका जता रही हैं कि विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल शहर में किसी बड़े नेटवर्क की गतिविधियों को समर्थन देने के लिए किया जा रहा हो सकता है। सभी दस्तावेजों का मिलान और डिजिटल ट्रेल खंगालने का काम जारी है।
