मनरेगा घोटाला: भाजपा नेता की ग्राम प्रधान पत्नी 55 लाख के गबन में गिरफ्तार, राजनीति गरमाई
फतेहपुर (कानपुर मंडल)।
असोथर थाना क्षेत्र के सरकंडी गांव में मनरेगा मजदूरी में 55 लाख रुपये के गबन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार तड़के राधानगर थाना क्षेत्र स्थित भाजपा नेता के आवास को घेरकर पुलिस ने ग्राम प्रधान पुष्पा द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुष्पा द्विवेदी भाजपा नेता संतोष द्विवेदी की पत्नी हैं।
मनरेगा घोटाले के मुकदमे की विवेचना के दौरान नाम प्रकाश में आने पर असोथर व राधानगर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। इसी मामले में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता नरेंद्र गुप्ता को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
गिरफ्तारी पर परिजनों का विरोध
गिरफ्तारी के बाद स्वजन व समर्थकों ने विरोध जताते हुए सवाल उठाया कि जब पहले से कोई मुकदमा दर्ज नहीं था तो गिरफ्तारी क्यों की गई। वहीं, पंचायत सहायक पूनम देवी को हिरासत में लिए जाने की भी चर्चा रही, हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है।
पहले से दर्ज है बड़ा भ्रष्टाचार मुकदमा
सरकंडी ग्राम पंचायत में प्रधान और कोटेदार के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और प्रशासनिक तनातनी अब खुलकर सामने आ गई है। बीते सितंबर माह में बीडीओ राहुल मिश्र की तहरीर पर मनरेगा समेत विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप में अवर अभियंता नरेंद्र गुप्ता, अजय प्रताप सिंह, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी धर्मकीर्ति, वर्तमान ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्रनाथ, लेखाकार सूर्यप्रकाश, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी नितिन श्रीवास्तव, कंप्यूटर ऑपरेटर रामप्रकाश, पंचायत सहायक पूनम देवी सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान हुई मारपीट व फायरिंग
जिला स्तर पर जांच के दौरान 17 दिसंबर को जांच टीम के सामने ही दो पक्षों में लाठी-डंडे चले और फायरिंग हुई। इस घटना में भाजपा नेता संतोष द्विवेदी सहित 28 नामजद व 15 अज्ञात आरोपियों पर बलवा और हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एक पक्ष से छह लोगों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि दूसरे पक्ष से अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पुलिस का पक्ष
थानाध्यक्ष धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि गबन के मुकदमे की विवेचना में ग्राम प्रधान पुष्पा द्विवेदी का नाम सामने आने पर उन्हें आरोपित बनाया गया। अवर अभियंता नरेंद्र गुप्ता प्रयागराज जिले के सोरांव थाना क्षेत्र के निवासी हैं और पहले से नामजद थे। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। विवेचना में नाम आने पर नोटिस देने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। मारपीट में शामिल आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
भाजपा नेता ने लगाया साजिश का आरोप
भाजपा नेता एवं प्रधानपति संतोष द्विवेदी ने पुलिस कार्रवाई को साजिश बताते हुए कहा कि पुराने मनरेगा मुकदमे में उनकी पत्नी नामजद नहीं थीं। इसके बावजूद बिना सूचना और नोटिस के गिरफ्तारी की गई। उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया और कहा कि वे इस मामले में उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।
कुछ आरोपियों को मिला गिरफ्तारी से संरक्षण
55 लाख रुपये के गबन मामले में अवर अभियंता नरेंद्र गुप्ता और विकास अधिकारी जितेंद्रनाथ को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक नहीं मिली है, जबकि अन्य आठ आरोपियों को अरेस्ट स्टे प्राप्त है। मामले की विवेचना एसएसआई सुनील कुमार यादव कर रहे हैं

