यहाँ का नज़ारा आज किसी उत्सव से कम नहीं है। तिलक लगाकर एवं फूलों के साथ नए छात्रों का स्वागत किया गया सरकार और शिक्षा विभाग का लक्ष्य स्पष्ट है—एक भी बच्चा छूटा, संकल्प हमारा टूटा।
प्राचार्य राजकुमार पाटिल एवं समस्त स्टॉफ के साथ
घर-घर दस्तक देकर अभिभावकों को पिले चावल देकर आमंत्रित किया गया था ।
जहाँ पर नि:शुल्क सुविधाएँ: छात्रों को मुफ्त किताबें, व पात्र छात्र छात्रों को साईकिले बाटी गई है।
प्रवेश उत्सव: स्कूलों में विशेष सभा का आयोजन किया जा रहा है ताकि बच्चे पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि आनंद समझें। मुख्यअथिति सांसद प्रतिनिधि महोदय श्री रामचंद्र भाटी, समाज सेवी विनोद जायसवाल व समस्त छात्र छात्रों के अभिभावक उपस्थित थे
