पीलीभीत जनपद के अमरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत जगत में ग्राम प्रधान के मानदेय को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि ग्राम प्रधान नजमां बी के पुत्र उवैश और ग्राम विकास अधिकारी शिखा सिंह राजपूत की कथित मिलीभगत से नियमों को दरकिनार कर भारी धनराशि का लेनदेन किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, पंचवर्षीय कार्यकाल पूरा होने से पहले ही ग्राम प्रधान के मानदेय के रूप में 3,21,000 रुपये से अधिक की राशि प्रधानपुत्र उवैश द्वारा अपनी मां के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इस लेनदेन ने पंचायत की पारदर्शिता और वित्तीय नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बताया जाता है कि इस पूरे प्रकरण की शिकायत जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) से की गई थी। उस समय डीपीआरओ ने आश्वासन दिया था कि यदि मामला सही पाया गया, तो ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ नोटिस जारी कर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो कोई नोटिस जारी किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गांव के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सरकारी धन की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
इस मामले में प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। जहां एक ओर पारदर्शिता और जवाबदेही की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामलों में कार्रवाई न होना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कब तक कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

